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दुर्गा पूजा मेला के अवसर पर पर्यटन स्थल राजगीर में जुटा श्रद्धालुओं का अपार भीड़,प्रशासन के द्वारा सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया गया था

October 05, 2022


पर्यटन स्थल राजगीर में शारदीय नवरात्र के मौके पर  दुर्गापूजा पंडालों में माता की दर्शन एवं गोदभराई के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।माता की एक झलक पाने को श्रद्धालुओं का ताता लगा रहा।

खासकर महिलाएं माता की गोद भराई के लिए पूजा पंडालों में पहुंचीं थीं।वहीं मंदिर के व्यवस्थापक बास-बल्ली लगाकर श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर मंदिर में प्रवेश करा रहे थे।लोग नारियल-चुनरी,धूप, दीप,अगरबत्ती लिए पूजा अर्चना को पहुंच रहे थे। बच्चों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।दशहरा पर्व शाति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्कता बरत रहा है।बताते हुए चले की शहर के दुर्गा मंदिर के समीप पूजन सामग्री की दुकानें सजी हुई है।शहर के कुंड क्षेत्र,बस स्टैंड, ध्रुवा मोड़, निचली बाजार, रेलवे स्टेशन, ब्लॉक रोड, थाना रोड, हनुमान चौक,नई पोखर मोड़ छबीलापुर रोड,मेन बजार सहित अन्य स्थानों पर पुरे भव्य रूप से पंडाल में की मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है,

वहीं प्रशासन के द्वारा सभी पंडालों के पास सुरक्षा बल और विशेष मजिस्ट्रेट की तैनाती भी की गई है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके,वहीं कई स्थानों पर भगवती जागरण का भी आयोजन किया गया,जिसमें कलाकारों के द्वारा मां की गीत एवं भजन की प्रस्तुति हुई, 




 

दुर्गा पूजा मेला के अवसर पर पर्यटन स्थल राजगीर में जुटा श्रद्धालुओं का अपार भीड़,प्रशासन के द्वारा सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया गया था दुर्गा पूजा मेला के अवसर पर पर्यटन स्थल राजगीर में जुटा श्रद्धालुओं का अपार भीड़,प्रशासन के द्वारा सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया गया था Reviewed by News Bihar Tak on October 05, 2022 Rating: 5

गुजरात की तर्ज पर पर्यटन स्थल राजगीर में डांडिया नाइट का आयोजन किया गया,मां के गीतों पर झूमे लोग

October 01, 2022


नवरात्र के मौके पर पर्यटन स्थल राजगीर के इंडो ओके होटल में रोटरी तथागत बिहारशरीफ के द्वारा राजगीर के इंडो ओके होटल में डांडिया नाइट का आयोजन किया किया गया,

जिसमें राजगीर, बिहारशरीफ, नवादा और पटना के काफी संख्या में लोग शामिल हुए, गुजरात की तर्ज पर डांडिया नाइट का आयोजन किया गया,जिसमे देर रात तक लोग माता के गीत और नृत्य पर झूमते रहे,कार्यक्रम की शुरुआत माता रानी की आरती से हुई,

उसके बाद विक्की छावड़ा ग्रुप के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीतों को प्रस्तुत कर शमा बांध दिया,कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ चंदेश्वर प्रसाद ने बताया कि गुजरात की तर्ज पर यह कार्यक्रम आयोजित की गई है,

बताते हुए चले की राजगीर के पंच पहाडियों माता के जयकारों से गूंजता रहा, एक बढकर एक माता के गीतों पर लोग झूमते रहे,और देर रात लोग मां की भक्ति में लिन रहे।

गुजरात की तर्ज पर पर्यटन स्थल राजगीर में डांडिया नाइट का आयोजन किया गया,मां के गीतों पर झूमे लोग गुजरात की तर्ज पर पर्यटन स्थल राजगीर में डांडिया नाइट का आयोजन किया गया,मां के गीतों पर झूमे लोग Reviewed by News Bihar Tak on October 01, 2022 Rating: 5

पर्यटन स्थल राजगीर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार से शुरू हुआ शारदीय नवरात्र,मां शैलपुत्री की पूजा के साथ हुई कलश स्थापना

September 26, 2022


पर्यटन स्थल राजगीर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार से शारदीय का त्यौहार शुरू हो गया है, इसके साथ ही मां शैलपुत्री की पूजा के साथ कलश का स्थापना भी किया गया है,आपको बताते चलें कि नवरात्रि के नौ दिन नौ अलग अलग देवियों की पूजा की जाती है,और  पहले दिन आज मां शैलपुत्री की पूजा की गई है,

इस अवसर पर पंडित स्वामी सालिग्रामा आचार्य ने बताया कि मां 
दुर्गा की पूजा आराधना के सबसे पवित्र 9 दिन यानी नवरात आज से शुरू हो चुकी है,सनातन धर्म के अनुसार  घरों एवं मंदिरों और पूजा पंडालों में कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा को आमंत्रित किया जाता है,उसके बाद नवरात्रि के नौ दिन नौ अलग अलग देवियों की पूजा की जाती है,उनहोंने कहा की पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी,मां शैलपुत्री को लाल रंग बहुत प्रिय है,ऐसे में उन्हें लाल रंग की चुनरी, नारियल और मीठा पान भेंट कर सकते हैं,माना जाता है कि शैलपुत्री के पूजन से संतान वृद्धि और धन व ऐश्वर्य की शीघ्र प्राप्ति होती है,मां सबके लिए फलदायी हैं,

उनहोंने कहा की इस साल पूरे नौ दिनों के नवरात्र पड़ रहे हैं। नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री माता की पूजा अर्चना की जाती है।उनहोंने कहा की मां दुर्गा को सर्वप्रथम शैलपुत्री के रूप में पूजा जाता है। हिमालय के वहां पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण उनका नामकरण हुआ शैलपुत्री। इनका वाहन वृषभ है, इसलिए यह देवी वृषारूढ़ा के नाम से भी जानी जाती हैं। इस देवी ने दाएं हाथ में त्रिशूल धारण कर रखा है और बाएं हाथ में कमल सुशोभित है। यही देवी प्रथम दुर्गा हैं। ये ही सती के नाम से भी जानी जाती हैं।




 

पर्यटन स्थल राजगीर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार से शुरू हुआ शारदीय नवरात्र,मां शैलपुत्री की पूजा के साथ हुई कलश स्थापना पर्यटन स्थल राजगीर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार से शुरू हुआ शारदीय नवरात्र,मां शैलपुत्री की पूजा के साथ हुई कलश स्थापना Reviewed by News Bihar Tak on September 26, 2022 Rating: 5

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