राजगीर में 15 फरवरी को विश्वस्तरीय महाशिवरात्रि ध्यान उत्सव, आध्यात्मिक ऊर्जा का बनेगा वैश्विक केंद्र
News Bihar Tak
February 14, 2026
प्राचीन इतिहास, आध्यात्मिक परंपरा और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध राजगीर एक बार फिर वैश्विक आध्यात्मिक मानचित्र पर विशेष पहचान बनाने जा रहा है 15 फरवरी को यहां विश्वस्तरीय महाशिवरात्रि ध्यान उत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से हजारों शिवभक्त, ध्यान साधक और आध्यात्मिक जिज्ञासु भाग लेने वाले हैं।
यह भव्य कार्यक्रम विरायतन स्थित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मैदान में 6 बजे शाम से आयोजित होगा, पूरे क्षेत्र में अभी से उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिल रहा है। गांव-गांव में प्रचार-प्रसार और आमंत्रण का दौर जारी है तथा लोगों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। यह महाआयोजन ओशमिन फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित हो रहा है, जिसका नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त रहस्यवादी दार्शनिक एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक ओशमिन उर्फ राकेश चंद्रा कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि चेतना जागरण और आंतरिक ऊर्जा को ऊपर उठाने का अवसर है,
जिसमें ध्यान, भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक अनुभव का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शिवसूत्र एवं विज्ञान भैरव तंत्र पर आधारित ध्यान सत्र, भक्ति और ध्यान संगीत प्रस्तुतियां, शिव तांडव, नृत्य प्रस्तुति, पूरी रात चलने वाला ध्यान, साधना क्रम एवं भव्य महाआरती होंगें। कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए देश-विदेश के कलाकार मंच पर अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इनमें प्रमुख रूप से अंतरराष्ट्रीय तबला वादक गिरीश विश्वा, सूफी गायक कपिल पुरोहित तथा अंतरराष्ट्रीय गिटार वादक गुड्डू मिश्रा सहित अनेक कलाकार और वाद्य समूह भाग लेंगे, जो पूरी रात वातावरण को भक्तिमय बनाए रखेंगे।
आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने में फाउंडेशन की टीम लगातार कार्य कर रही है। अंतरराष्ट्रीय संयोजक विश्वजीत तिवारी के नेतृत्व में सोनू कुमार, निरमा कुमारी, शोभा देवी, प्रदीप कुमार, सुनील यादव, शत्रुघ्न कुमार, किरण कुमारी, शाबो देवी दीदी, रविंद्र कुमार, निर्भय कुमार, खूश्बू कुमारी, नेहा कुमारी एवं सैकड़ों स्वयंसेवक व्यवस्था, आगंतुकों की सुविधा, आवास, सुरक्षा और कार्यक्रम संचालन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस कार्यक्रम को लेकर ओशमिन उर्फ राकेश चंद्रा ने बताया कि महाशिवरात्रि केवल पर्व नहीं, बल्कि चेतना जागरण का दिव्य क्षण है, साधना और ध्यान से व्यक्ति अपनी ऊर्जा को ऊर्ध्वगामी बना सकता है।
उन्होंने देश-विदेश के लोगों से अपील भी किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में राजगीर पहुंचकर इस दिव्य आध्यात्मिक अनुभव का लाभ उठाएं। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से भी राजगीर तथा पूरे बिहार को नई पहचान दिलाएगा। आध्यात्मिक ऊर्जा, नृत्य-संगीत, ध्यान, भव्य महाआरती और भक्ति से भरपूर यह महाआयोजन निश्चित रूप से श्रद्धालुओं और साधकों के लिए जीवन भर याद रहने वाला अनुभव साबित होगा।
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