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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रा कार्यकर्ताओं ने स्टूडेंट फॉर सेवा के ऋतुमति अभियान के तहत राजगीर में महिलाओं के बीच सेनेटरी पैड का वितरण किया।

November 28, 2024


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राजकीय डिग्री महाविद्यालय इकाई के छात्रा कार्यकर्ताओं ने स्टूडेंट फॉर सेवा के ऋतुमति अभियान के तहत गुरुवार को राजगीर के कई ग्रामीण क्षेत्रों एवं राजकीय डिग्री महाविद्यालय में सेनेटरी पैड का वितरण किया गया।

साथ ही स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़ी जानकारी साझा की गई। एवं मौके पर महिलाओं को विशेष रूप से जागरूक किया गया।इस अवसर पर नगर सह मंत्री जानवी कुमारी, नगर छात्रा प्रमुख दीक्षा प्रभात,नगर छात्रा सह प्रमुख कशिश कुमारी छात्रा प्रमुख निशू शर्मा, छात्रा सह प्रमुख सोनम ब्रह्मपुरिया सहित अन्य लोग उपस्थित थे।



अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रा कार्यकर्ताओं ने स्टूडेंट फॉर सेवा के ऋतुमति अभियान के तहत राजगीर में महिलाओं के बीच सेनेटरी पैड का वितरण किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रा कार्यकर्ताओं ने स्टूडेंट फॉर सेवा के ऋतुमति अभियान के तहत राजगीर में महिलाओं के बीच सेनेटरी पैड का वितरण किया। Reviewed by News Bihar Tak on November 28, 2024 Rating: 5

मध्य विद्यालय अण्डवस राजगीर में किया गया स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन-सैकड़ो रोगियों का निशुल्क जांच की गई

August 04, 2024


मध्य विद्यालय अण्डवस में रुबन सामुदायिक अस्पताल के द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया ।शिविर में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रजनी कुमारी, जनरल फिजिशियन डॉक्टर कुनाल कुमार मौर्या तथा जनरल सर्जन डॉक्टर अंकित भारती की देखरेख में सैकड़ो रोगियों का निशुल्क जांच की गई।

ख़ासकर जांच बीपी, शुगर बुखार आदि का किया गया। जांचोपरांत चिकित्सकों के द्वारा उपचार भी किया गया विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल पासवान ने बताया कि स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया है। जिसमें बच्चों के साथ साथ उनके अभिभावकों को जांच किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि विद्यालय में चिकित्सा शिविर लगाने का एक ही मकसद है कि पंचायत के निचले तबके के लोगों को जो आर्थिक रूप से कमजोर है उन्हें निशुल्क स्वास्थ्य सेवा मिल सके।

मध्य विद्यालय अण्डवस राजगीर में किया गया स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन-सैकड़ो रोगियों का निशुल्क जांच की गई मध्य विद्यालय अण्डवस राजगीर में किया गया स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन-सैकड़ो रोगियों का निशुल्क जांच की गई       Reviewed by News Bihar Tak on August 04, 2024 Rating: 5

राजगीर में एक नई सेहत सेवा 'करडा स्कैन एनालिसिस' का शुभारंभ किया गया।एस इ डी ईं विकास सिंह ने कहा : मोदीकेअर के इस प्रयास से लोगों को सेहत सेवाओं के लिए नए और सुधारित तरीकों का अनुभव हो रहा है

February 27, 2024


मोदीकेयर राजगीर के संचालक अजय कुमार उफॅ डबलु सिंह ने एक नई सेहत सेवा 'करडा स्कैन एनालिसिस' का शुभारंभ किया है।जिससे लोगों को अपनी सेहत की स्थिति को निरीक्षित करने का एक नया तरीका मिला है। यह सेवा किसी भी बड़े और कठिन मापांकों की आवश्यकता के बिना ही कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य की जांच करने का एक आसान तरीका प्रदान करती है।

करडा स्कैन एनालिसिस एक नवीनतम और प्रौद्योगिकी उन्नत सेवा है जिसमे 75 लोगो ने अपनी जांच रिपोर्ट देख सेहतमंद रहने का तौर तरीका भी समझा।इस सेवा के लाभों में एक मुख्य बात यह है कि इसके लिए अत्यंत सामान्य कार्डियोलॉजी या रेडियोलॉजी के टेस्ट की आवश्यकता नहीं होती है, जिससे लोगों को आसानी से और बिना किसी कठिनाई के इस सेवा का लाभ उठाने का अवसर मिलता है। एस इ डी ईं विकास सिंह ने कहा मोदीकेअर के इस प्रयास से लोगों को सेहत सेवाओं के लिए नए और सुधारित तरीकों का अनुभव हो रहा है।

जिससे समाज में स्वास्थ्य की महत्वपूर्णता को और बढ़ावा मिल रहा है।करडा स्कैन एनालिसिस की उपलब्धता से लोगों को अपनी स्वास्थ्य की निगरानी रखने में मदद मिल रही है और उन्हें सही समय पर उपचार प्राप्त करने का अवसर हो रहा है।इस सेवा को लॉन्च करते समय, मोदीकेअर राजगीर के प्रमुख ने कहा, "करडा स्कैन एनालिसिस हमारे स्वास्थ्य सेवा पोर्टफोलियो का एक और कदम है जो लोगों को स्वस्थ और खुशहाल जीवन की दिशा में मदद करेगा। यह सेवा हमारे ग्राहकों को एक नया और सुरक्षित तरीका प्रदान करती है ताकि वे अपनी सेहत का सही समय पर ध्यान रख सकें।इस मौके पर कंपनी के मैनेजर संतोष रौतरे, डी पी मैनेजर राकेश कुमार,ऑल सेंट्स स्कूल के निदेशक डाक्टर राजेश नंदन सहित अन्य लोग उपस्थित थे।



 

राजगीर में एक नई सेहत सेवा 'करडा स्कैन एनालिसिस' का शुभारंभ किया गया।एस इ डी ईं विकास सिंह ने कहा : मोदीकेअर के इस प्रयास से लोगों को सेहत सेवाओं के लिए नए और सुधारित तरीकों का अनुभव हो रहा है राजगीर में एक नई सेहत सेवा 'करडा स्कैन एनालिसिस' का शुभारंभ किया गया।एस इ डी ईं विकास सिंह ने कहा : मोदीकेअर के इस प्रयास से लोगों को सेहत सेवाओं के लिए नए और सुधारित तरीकों का अनुभव हो रहा है Reviewed by News Bihar Tak on February 27, 2024 Rating: 5

विशुन देव नारायण इनस्टिच्यूट ऑफ हायर एजुकेशन में बैच 2023-24 के नामांकित छात्र- छात्राओं के बीच फ्रेशर पार्टी का हुआ आयोजन ,डायरेक्टर डाक्टर शुभम प्रियदर्शी ने कहा नर्सिंग के क्षेत्र में नई पीढ़ी अपना भविष्य को बना रही है

January 30, 2024


राजगीर प्रखंड के छबीलापुर अंतर्गत विशुन देव नारायण इनस्टिच्यूट ऑफ हायर एजुकेशन में बैच 2023-24 के नामांकित छात्र- छात्राओं के बीच फ्रेशर पार्टी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन डायरेक्टर डाक्टर शुभम प्रियदर्शी एवं सचिव शैलेंद्र कुमार प्रभाकर ने दीप प्रज्वलित कर किया।इस अवसर पर बीएससी नर्सिंग, जीएनएम और एएनएम के छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाट्य मंचन में अपनी प्रतिभा दिखाई।

इस अवसर पर डायरेक्टर डाक्टर शुभम प्रियदर्शी ने कहा कि नर्सिंग के क्षेत्र में नई पीढ़ी अपना भविष्य को बना रही है। प्रशिक्षण के उपरांत वे अस्पतालों, क्लीनिकों, स्वास्थ्य विभागों, या निजी स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं के रूप में रोजगार पा सकते हैं। उन्होंने कहा की चिकित्सा जगत में नर्सिंग कोर्स का विशेष महत्व है। जीएनएम, बी एस सी एवं ए एन एम कोर्स पूरा करने के बाद सरकारी एवं प्राइवेट चिकित्सा जगत में आकर्षक वेतन के साथ नौकरी की जा सकती है। इस प्रशिक्षण में सफल होने पर सरकारी पदों पर बेहतर वेतनमान के प्रस्ताव मिल सकते हैं। कॉलेज में नामांकित बच्चो को इंग्लिश स्पोकिंग सहित कंप्यूटर प्रशिक्षण की भी सेवा दी जा रही है ताकि भविष्य में उनकी प्रतिभा और बेहतर हो।

डायरेक्टर ने कहा कि जारी आंकड़ों के अनुसार स्वास्थ्य क्षेत्र में अभी भारत को 2024 तक चालीस लाख नर्सों की जरूरत है। जीएन एम कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद स्टाफ नर्स, होम नर्स, हेल्थ विजिटर, कमवूनीटी हेल्थ वर्कर जैसे पदो पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इस अवसर पर प्रभाकर एजुकेशनल एंड सोशल ट्रस्ट के सचिव शैलेंद्र कुमार प्रभाकर ने कहा की बिहार सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त इस नर्सिंग कॉलेज में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की भी सुविधा प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि संस्थान में छात्र छात्राओं के लिए अनेकों सुविधाएं उपलब्ध है। एम्स के मानकों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।वहीं विशुन देव नारायण इनस्टिच्यूट ऑफ हायर एजुकेशन में फ्रेशर पार्टी में प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। फ्रेशर पार्टी में मिस्टर एंड मिस फ्रेशर, नियत समय पर राष्ट्रगान गाने की प्रतियोगिता, स्पीच, कविता के अलावा ग्रुप नृत्य का आयोजन किया गया।

जीएनएम नर्सिंग की छात्रा निधि कुमारी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कई पुरस्कार जीती। जीएनएम वर्ग से मिस फ्रेशर बनने के साथ नियत समय पर राष्ट्रगान गाने और बेस्ट कविता के लिए सम्मानित हुई। रुचि कुमारी मिस फ्रेशर (बीएससी नर्सिंग), आशीष रंजन मिस्टर फ्रेशर (बीएससी नर्सिंग), बिंदेश्वर कुमार मिस्टर फ्रेशर (जीएनएम) में पुरस्कृत किए गए।

प्रिंस कुमार और आशीष रंजन को बेस्ट नृत्य, धनंजय कुमार को बेस्ट स्पीच के लिए पुरस्कृत किया गया। बेस्ट ग्रुप डांस में श्वेता कुमारी, अनुष्का, नंदिनी, अलीजा महेश्वरी, सलोनी, आरती को पुरस्कार मिले। डायरेक्टर डा शुभम प्रियदर्शी एवं सचिव शैलेंद्र कुमार प्रभाकर ने सभी प्रतिभागियों को मेडल देकर सम्मानित किया।



विशुन देव नारायण इनस्टिच्यूट ऑफ हायर एजुकेशन में बैच 2023-24 के नामांकित छात्र- छात्राओं के बीच फ्रेशर पार्टी का हुआ आयोजन ,डायरेक्टर डाक्टर शुभम प्रियदर्शी ने कहा नर्सिंग के क्षेत्र में नई पीढ़ी अपना भविष्य को बना रही है विशुन देव नारायण इनस्टिच्यूट ऑफ हायर एजुकेशन में बैच 2023-24 के नामांकित छात्र- छात्राओं के बीच फ्रेशर पार्टी का हुआ आयोजन ,डायरेक्टर डाक्टर शुभम प्रियदर्शी ने कहा  नर्सिंग के क्षेत्र में नई पीढ़ी अपना भविष्य को बना रही है Reviewed by News Bihar Tak on January 30, 2024 Rating: 5

विशुन देव नारायण इनस्टिच्यूट ऑफ हायर एजुकेशन में नर्सिंग कोर्स में नामांकित छात्र छात्राओं का हुआ सेमिनार,नर्सिंग के क्षेत्र में युवा युवती बना रहे हैं भविष्य-डॉ शुभम प्रियदर्शी

November 07, 2023


राजगीर प्रखंड के छबीलापुर अंतर्गत विशुन देव नारायण इनस्टिच्यूट ऑफ हायर एजुकेशन में नामांकित छात्र छात्राओं के बीच नर्सिंग क्षेत्र में नई पीढ़ी का भविष्य विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया।नर्सिंग के क्षेत्र में नई युवा पीढ़ी भविष्य को तलाश रही है।

नर्सिंग एक पूर्णकालिक पेशा है, और जिनके पास आवश्यक प्रशिक्षण और साख है, वे अस्पतालों, क्लीनिकों, स्वास्थ्य विभागों, या निजी स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं के रूप में रोजगार पा सकते हैं।

बीएससी नर्सिंग,जीएनएम नर्सिंग एवं एएनएम में प्रशिक्षण प्राप्त कर नर्सिंग के क्षेत्र में भविष्य बनाने के लिए युवा पीढ़ी आगे आ रही है।ये बाते विशुनदेव नारायण इनस्टिच्यू ऑफ नर्सिंग के डायरेक्टर डॉ शुभम  प्रियदर्शी ने कही प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं के सेमिनार में कही।उन्होंने कहा की  चिकित्सा जगत में नर्सिंग कोर्स का विशेष महत्व है।जीएनएम, बी एस सी एवं ए एन एम कोर्स पूरा करने के बाद सरकारी एवं प्राइवेट चिकित्सा जगत में आकर्षक वेतन दिया जाता है।यदि नए लोग इस प्रशिक्षण में सफल हो जाते हैं, तो उन्हें सरकारी पदों पर बेहतर वेतनमान के प्रस्ताव मिल  सकते हैं।

डब्लू एच ओ के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार स्वास्थ्य क्षेत्र में अभी भारत को 2024 तक चालीस लाख नर्सों की जरूरत है। जीएन एम कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद स्टाफ नर्स, होम नर्स, हेल्थ विजिटर,कमयूनीटी हेल्थ वर्कर जैसे पदो पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।प्रभाकर एजुकेशनल एंड सोशल ट्रस्ट के सचिव शैलेंद्र कुमार प्रभाकर ने कहा की बिहार सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त इस नर्सिंग कॉलेज में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की भी सुविधा प्रदान की जाएगी।उन्होंने कहा कि संस्थान में छात्र छात्राओं के लिए अनेकों सुविधाएं उपलब्ध है।


विशुन देव नारायण इनस्टिच्यूट ऑफ हायर एजुकेशन में नर्सिंग कोर्स में नामांकित छात्र छात्राओं का हुआ सेमिनार,नर्सिंग के क्षेत्र में युवा युवती बना रहे हैं भविष्य-डॉ शुभम प्रियदर्शी विशुन देव नारायण इनस्टिच्यूट ऑफ हायर एजुकेशन में नर्सिंग कोर्स में नामांकित छात्र छात्राओं का हुआ सेमिनार,नर्सिंग के क्षेत्र में युवा युवती बना रहे हैं भविष्य-डॉ शुभम  प्रियदर्शी Reviewed by News Bihar Tak on November 07, 2023 Rating: 5

राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में तीन दिवसीय इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के राष्ट्रीय कांफ्रेंस का हुआ आयोजन-देश के सभी राज्यों से 1200 चिकित्सक हुए शामिल

September 24, 2023


राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में तीन दिवसीय इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के राष्ट्रीय कांफ्रेंस आयोजन किया गया है।इस कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों से 1200 चिकित्सक शामिल हुए हैं। इस तीन दिनों तक देश के वरीय चिकित्सकों के द्वारा विभिन्न विषयों पर 170 शोध पत्र पढ़े गए।कार्यक्रम का उद्घाटन इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.अतुल श्रीवास्तव, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. वी.के. सिन्हा,आयोजन समिति के सचिव डॉ. अशोक कुमार सिन्हा,डॉ. रंजीत कुमार सिंह,डॉ. संजय धवन,डॉ.मनोज कुमार डॉ. राम चड्ढा , डॉ राजीव आनंद संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित प्रकार किया।इस अवसर पर आयोजन समिति के सचिव डॉ अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि तीन दिवसीय इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के राष्ट्रीय कांफ्रेंस 'नेल्सन शुरू हो गया है।और इस कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों से 1200 चिकित्सक शामिल हुए हैं।

जिसमें तीन दिनों तक विभिन्न विषयों पर 170 शोध-पत्र विशेषज्ञों के द्वारा पढ़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि  80% से अधिक दर्दनाक चोटें सड़क दुर्घटनाओं के परिणामस्वरूप होती थीं।इनमें सिर, रीढ़ की हड्डी, छाती, अंगों की जटिल चोटें और दुर्घटनाओं या गिरने से होने वाली अंग क्षति शामिल हैं।उन्होंने कहा कि एक पूर्ण जीवन की खोज में, अच्छे स्वास्थ्य के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता।स्वास्थ्य देखभाल के विभिन्न पहलुओं के बीच, आर्थोपेडिक देखभाल किसी व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।गतिशीलता का समर्थन करने से लेकर समग्र कल्याण को बढ़ाने तक, आर्थोपेडिक देखभाल में उपचार और प्रथाओं की एक श्रृंखला शामिल है जो सीधे तौर पर प्रभावित करती है कि हम जीवन का अनुभव कैसे करते हैं। इस लेख में, हम आर्थोपेडिक देखभाल के महत्व का पता लगाएंगे और यह हमारे दैनिक अस्तित्व पर कितना गहरा प्रभाव डालता है।आर्थोपेडिक देखभाल आपके दैनिक जीवन को कैसे प्रभावित करती है।उन्होंने कहा कि आर्थोपेडिक देखभाल दवा की एक विशेष शाखा है।जो मस्कुलोस्केलेटल प्रणाली से संबंधित स्थितियों के निदान, उपचार, रोकथाम और पुनर्वास के लिए समर्पित है। इस जटिल प्रणाली में हड्डियाँ, जोड़, मांसपेशियाँ, स्नायुबंधन, टेंडन और अन्य संयोजी ऊतक शामिल हैं। आर्थोपेडिक देखभाल फ्रैक्चर और खेल की चोटों से लेकर गठिया जैसी अपक्षयी स्थितियों तक, मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला का समाधान करती है।उन्होंने कहा कि आर्थोपेडिक देखभाल के प्रमुख लाभों में से एक गतिशीलता और कार्यक्षमता को बढ़ाने में इसकी भूमिका है।हमारा मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम शरीर के संरचनात्मक ढांचे के रूप में कार्य करता है।जो हमें चलने, चलने, दौड़ने और रोजमर्रा की गतिविधियों को करने में सक्षम बनाता है। सर्जिकल और गैर-सर्जिकल दोनों प्रकार के आर्थोपेडिक उपचारों का उद्देश्य इन घटकों की कार्यप्रणाली को बहाल करना और उनमें सुधार करना है।

दर्द को कम करने वाले जोड़ों के प्रतिस्थापन से लेकर कमजोर मांसपेशियों को मजबूत करने वाली भौतिक चिकित्सा तक, आर्थोपेडिक देखभाल व्यक्तियों को अपनी स्वतंत्रता हासिल करने और सक्रिय रहने के लिए सशक्त बनाती है।उन्होंने कहा कि आर्थोपेडिक स्थितियों से उत्पन्न होने वाला पुराना दर्द किसी के जीवन की गुणवत्ता को काफी हद तक कम कर सकता है।चाहे वह हर्नियेटेड डिस्क की पीड़ा हो या ऑस्टियोआर्थराइटिस की लगातार परेशानी, आर्थोपेडिक देखभाल दर्द को कम करने और प्रबंधन पर केंद्रित है। दर्द-राहत तकनीकों, दवाओं और लक्षित उपचारों के संयोजन के माध्यम से, व्यक्ति लगातार दर्द से राहत पा सकते हैं। यह, बदले में, न केवल शारीरिक आराम में सुधार करता है बल्कि मानसिक और भावनात्मक कल्याण पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।उन्होंने कहा कि आर्थोपेडिक देखभाल केवल मौजूदा स्थितियों को संबोधित करने के बारे में नहीं है; यह रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्वस्थ वजन बनाए रखने, नियमित व्यायाम करने और एर्गोनोमिक प्रथाओं को अपनाने जैसे सक्रिय उपाय ऑर्थोपेडिक मुद्दों के जोखिम को काफी कम कर सकते हैं।

इन निवारक रणनीतियों को अपनाकर, व्यक्ति अपने मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य की दीर्घायु को बढ़ा सकते हैं और बाद में जीवन में दुर्बल स्थितियों की संभावना को कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन की गुणवत्ता पर आर्थोपेडिक देखभाल का प्रभाव गहरा है। कल्पना करें कि आप दर्द से घबराए बिना चलने में सक्षम हो सकते हैं, ऐसे शौक पूरे कर सकते हैं जिनमें शारीरिक परिश्रम की आवश्यकता होती है, या बस बिना किसी परेशानी के अच्छी रात की नींद का आनंद ले सकते हैं।आर्थोपेडिक हस्तक्षेप इन परिदृश्यों को संभव बनाते हैं। गतिशीलता में सुधार करके, दर्द को कम करके और समग्र मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य को बढ़ावा देकर, आर्थोपेडिक देखभाल व्यक्तियों को शारीरिक सीमाओं से मुक्त पूर्ण जीवन जीने के लिए सशक्त बनाती है।उन्होंने कहा कि इस कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य फ्रैक्चर के बेहतर इलाज का है।ऑर्थोपेडिक नैलिंग को कैसे और डेवलप किया जाए, इसी पर मंथन करना है। इस विधा के नए - नए तकनीक से डॉक्टरों को अवगत कराना भी एक उद्देश्य है।इस अवसर पर विशेषज्ञ दो अमूल्य कुमार सिंह ने कहा इस कार्यक्रम के माध्यम से अभ्यास करने वाले सर्जनों को वर्तमान ज्ञान, स्नातकोत्तर छात्रों को निर्देशात्मक पाठ्यक्रम व्याख्यान और एसोसिएशन के सदस्यों को प्रबंधन प्रोटोकॉल में अंतर्दृष्टि प्रदान करना है।उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के माध्यमों से सदस्यों के बीच वैज्ञानिक और सांस्कृतिक बातचीत का उत्कृष्ट प्रदर्शन होता है।

उन्होंने कहा कि हड्डी और जोड़ों के स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाना और विभिन्न मस्कुलोस्केलेटल विकारों और स्थितियों को रोकना है।उन्होंने कहा कि लोगों को हड्डी और जोड़ों के मुद्दों के संकेतों और लक्षणों के बारे में शिक्षित करके , यह दिन शीघ्र पता लगाने और समय पर हस्तक्षेप को प्रोत्साहित करता है। शीघ्र निदान से बेहतर उपचार परिणाम और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।इसलिए हमने अपनी हड्डियों और जोड़ों के स्वास्थ्य बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हड्डी और जोड़ों के स्वास्थ्य में गिरावट के मुख्य कारणों में आवश्यक शारीरिक गतिविधियों के बारे में जागरूकता की कमी, विटामिन डी से भरपूर उचित पोषण की कमी, शराब का सेवन जैसी आदतें शामिल हैं। तम्बाकू चबाना और धूम्रपान करना, और युवा और रजोनिवृत्त महिलाओं में कैल्शियम सेवन की कमी।शीघ्र उपचार के लिए कमजोर हड्डियों और जोड़ों के लक्षणों को पहचानना महत्वपूर्ण है।सामान्य लक्षणों में लगातार जोड़ों में दर्द, कठोरता, सूजन, गति की कम सीमा, दैनिक गतिविधियों को करने में कठिनाई और फ्रैक्चर की बढ़ती संवेदनशीलता शामिल है। पीठ, कूल्हों, घुटनों और कंधों में पुराना दर्द और असुविधा भी हड्डी और जोड़ों की समस्याओं का संकेत दे सकती है। यदि किसी को इनमें से कोई भी लक्षण अनुभव होता है, तो उचित मूल्यांकन और उपचार के लिए स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श करना आवश्यक है।

इस अवसर पर ऑर्थोपेडिक सर्जन डा प्रशांत कुमार सिन्हा ने कहा कि केशव नैलिंग से इस समस्या से निजात पाया जा सकता है।आर्डिनरी नैलिंग लूज हो जाता है। लेकिन केशव नेल (टूटे हुए हड्डी को जोड़नेवाला रॉड) डालने से यह लंबे वक्त तक स्थायी निवारण देता है। उन्होंने कहा कि सुप्रकोंडायलर नैलिंग ऑफ फेमूर ' विषय पर अपनी बातों को रखा।वहीं महाराष्ट्र से आए डायरेक्टर डा शिवा शंकर कूल्हा टूटने पर उसके इलाज के लिए ईजाद नए तकनीक के उपर अपनी बातों को रखा।

इस अवसर पर डॉ अमित रस्तोगी, डॉ महेश प्रसाद, डॉ रंजीत कुमार, डॉ राम चड्ढा, डॉ संजय धवन, डॉ अरुण कुमार ,डॉक्टर मणि भूषण ,डॉक्टर प्रवीण साहू, डॉ रमित गुंजन, डॉ मधुसूदन कुमार, डॉ सुधीर कुमार, डॉ शैलेंद्र कुमार सिंह, डॉ राजीव रमन, डॉ नवीन ठाकुर, डॉ बीके ठाकुर, डॉक्टर प्रोफेसर अर्जुन सिंह, डॉ उपेंद्र कुमार, डॉक्टर रोहित लाल, डॉक्टर निशांत सिंह, डॉक्टर विद्यासागर, डॉ एनके अग्रवाल, डॉ अजीत सैगल, डॉ मनीष कुमार ,डॉक्टर संदीप कुमार ,डॉक्टर अमित रस्तोगी, डॉक्टर संतोष सिंह , डॉ अरुण कुमार शर्मा, डॉ प्रभात प्रकाश, डॉ सूर्य प्रकाश शर्मा, डॉ रंजीत कुमार सिंह, डॉक्टर के एस आनंद, डॉ अरुण कपूर ,डॉक्टर नवीन ठक्कर, डॉ प्रमोद कुमार डॉक्टर आशुतोष कुमार डॉ नीरज राज डॉक्टर सिद्धार्थ सिंह, सहित अन्य लोग उपस्थित थे।



















 

राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में तीन दिवसीय इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के राष्ट्रीय कांफ्रेंस का हुआ आयोजन-देश के सभी राज्यों से 1200 चिकित्सक हुए शामिल राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में तीन दिवसीय इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के राष्ट्रीय कांफ्रेंस का हुआ आयोजन-देश के सभी राज्यों से 1200 चिकित्सक हुए शामिल Reviewed by News Bihar Tak on September 24, 2023 Rating: 5

बिहार राज्य इंडियन मेडिकल एसोसिएशन संघ का 78 वां वार्षिक सम्मेलन राजगीर में आयोजित किया गया, अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण डाक्टर श्याम नारायण प्रसाद ने किया

February 28, 2023


बिहार राज्य इंडियन मेडिकल एसोसिएशन संघ वार्षिक का 78 वां सम्मेलन राजगीर के इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में आयोजित किया गया।जिसमें बिहार सहित देश के कई राज्यों के लगभग 500 चिकित्सक शामिल हुए हैं।जिसका उद्घाटन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शरद कुमार अग्रवाल,मुख्य संरक्षक पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर सहजानंद प्रसाद सिंह,डीन डाक्टर वेद प्रकाश मिश्रा ने किया।

इस अवसर पर बिहार राज्य इंडियन मेडिकल एसोसिएशन संघ के अध्यक्ष के पदभार के रूप में डाक्टर श्याम नारायण प्रसाद ने ग्रहण किया।वही कुल 9 सत्रों में वरीय चिकित्सकों के द्वारा गंभीर बीमारियों के पहचान और उसका इलाज के ऊपर अपना व्याख्यान दिया।इस अवसर पर बिहार राज्य इंडियन मेडिकल एसोसिएशन संघ के अध्यक्ष के डाक्टर श्याम नारायण प्रसाद ने कहा कि बिहार राज्य इंडियन मेडिकल एसोसिएशन संघ वार्षिक का 78 वा सम्मेलन का आयोजन किया गया है,बिहार के सभी जिलों के साथ देश के दिल्ली, झारखंड,उड़ीसा,यूपी,आंध्र प्रदेश, राजस्थान,हरियाणा,बंगाल सहित राज्यों के कुल 500 चिकित्सक शामिल हुए हैं।

उन्होंने बताया कि कुल 9 सत्रों में विभिन्न गंभीर बीमारियों का पहचान इलाज सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जो चिकित्सकों की चुनौतियां हैं,उस पर विशेष रूप से चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा बिरादरी उथल-पुथल की गंभीर स्थिति में है, इस अर्थ में उथल-पुथल है कि कॉर्पोरेट अस्पतालों और व्यक्तिगत चिकित्सकों के बीच संघर्ष चल रहा है।आज अधिकांश रोगी गूगल और यूट्यूब  पर भरोसा करते हैं,उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि अधिकांश युवा स्नातक और स्नातकोत्तर जल्दी में हैं और थोड़ा भ्रमित हैं।उनमें से कई लोग संघ और चिकित्सा को महत्व नहीं देते हैं,उन्होंने कहा जब तक हम एकजुट नहीं होंगे, हमारे साथियों के साथ बढ़ती घटनाएं होना तय है और आईएमए से बेहतर कोई प्लेटफॉर्म नहीं है।

आईएमए को ट्रेड यूनियन की तरह मानें और इसे हर तरह से मजबूत करें, क्योंकि यही एक संस्था है जो डॉक्टरों के अधिकार, सम्मान और गरिमा के लिए खड़ी है।इसलिए मैं आईएमए के प्रत्येक सदस्य से चिकित्सा का पालन करने का आह्वान करता हूं,नैतिकता और एक सीधी रेखा में आगे बढ़ने की कोशिश करें और कभी भी दूसरों की आलोचना न करें बल्कि बने रहें,जब भी और जहां भी जरूरत हो, दूसरों की मदद करें।

इस अवसर आयोजन अध्यक्ष डॉ ब्रज भूषण सिन्हा ने कहा कि एसोसिएशन के द्वारा एक अप्रैल से लेकर 7 अप्रैल तक स्वास्थ सप्ताह मनाया जाएगा।इन 7 दिनों में एसोसिएशन के द्वारा विभिन्न गंभीर बीमारियों की पहचान एवं इलाज के लिए निशुल्क शिविर लगाया जाता है।और लोगों को जांच कर उचित इलाज भी किया जाता है।उन्होंने कहा कि आज विभिन्न बीमारियों की पहचान एवं उसका रोकथाम एवं इलाज को लेकर विशेष रूप से चर्चा भी की गई है।उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद परिस्थितियां काफी बदल गई है। आज बहुत सारी बीमारियों के चपेट में लोग आ रहे हैं।

ऐसे में सावधानियां और इलाज बहुत जरूरी है। एसोसिएशन के द्वारा इस पहलू पर लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि कोरोना पुरा शरीर को नर्वस तक देता है।उन्होंने कहा कि डायबिटीज वाले लोगों को विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए।यह ऐसा बीमारी है कि बिना दर्द का ही जानलेवा हो जाता है। शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को डैमेज कर देता है।उन्होंने कहा कि डायबिटीज़ एक गंभीर बीमारी है जिससे, आपको आजीवन परेशानियां हो सकती हैं।डायबिटीज़ से पीड़ित व्यक्ति को स्वास्थ्य से जुड़ी कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं।

लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर डायबिटीज की बीमारी से बचा जा सकता है।उन्होंने कहा कि डायबिटीज आज विश्वभर में प्रभावित करने वाली एक बीमारी बन गई है,इन गुज़रे सालो मे डायबिटीज का वैश्विक प्रसार काफी बढ़ गया है, इस अवसर पर गोरखपुर एम्स के डाक्टर कनिष्क कुमार वैज्ञानिक सत्र में बदलते वातावरण एवं मौसम के ऊपर व्याख्यान देते हुए कहा कि जब भी मौसम बदलता है तो लोग ज्यादातर मौसम को थोड़ा महसूस करते हैं। तापमान में बदलाव वायरस के विभिन्न समूहों को पनपने के लिए एक उपयुक्त स्थिति प्रदान करता है जो बाद में संक्रामक रोगों को फैलाता है। वायरसों में सबसे आम मानव राइनोवायरस (एचआरवी) है जो सभी तबीयत खराब होने के 40 प्रतिशत तक के मामलों का कारण बनता है।उन्होंने कहा कि बदलते मौसम के उतार-चढ़ाव को हल्के में न लें। इन दिनों मौसम में तेजी से बदलाव आ रहा है।

दिन में मौसम सामान्य है तो रात और सुबह के समय तापमान सामान्य से कम महसूस हो रहा है। ऐसे में हमें स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। इस बदलते मौसम में डेंगू, वायरल बुखार जैसी बीमारियां तेजी से पनपती हैं। सुबह-शाम की ठंड, दिनभर गर्मी के इस मौसमी बदलाव में अपनी सुरक्षा खुद करें। यह मौसम आपको भारी नुक्सान पहुंचा सकता है। ऐसे में खुद को सुरक्षित रखने के लिए हमारा सावधान रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वातावरण और जलवायु में बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम, डेंगू व वायरल बुखार जैसे खतरनाक रोग बड़ी आसानी से हमारे शरीर को घेर लेते हैं।उन्होंने कहा कि बदलते मौसम के इस उतार-चढ़ाव के कारण हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती जाती है।किसी भी प्रकार के संक्रामक रोगों से बचने के लिए अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं, गर्म पानी का उपयोग करें।

बदलते मौसम के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रख कर बीमारियों से काफी दूर रहा जा सकता है। मौसमी बीमारियां होने पर समय रहते बेहतर इलाज करवाना चाहिए। बच्चों एवं बुजुर्गों के बीमार होने पर उनके इलाज में बिल्कुल भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।नहीं तो तबियत ज्यादा बिगड़ सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मौसम में लोगों के बीमार होने का कारण इंफेक्शन लगातार बढ़ता जानता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती जाती है। इससे बचने लोगों को स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पड़ती है। इस अवसर पर चिकित्सको को सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर वरीय चिकित्सक सुजीत कुमार, डाक्टर अरविंद कुमार,डॉ मनोज कुमार,डॉ इंद्रजीत कुमार, डाक्टर विजय शंकर सिंह, डॉ सुनील कुमार, डाक्टर जेके ठाकुर,डॉ कुमार अमरदीप नारायण, डॉ अशोक कुमार, डॉक्टर सरफराज आलम, डॉ शशि रंजन, डाक्टर अमित कुमार, डाक्टर रुपेश कुमार, डाक्टर राजीव सिन्हा, डाक्टर रिना सिन्हा, डाक्टर अजय कुमार, डाक्टर रंजना, डाक्टर स्नेहा कुमारी, डाक्टर सुषमा कुमारी, डॉ अश्विनी कुमार वर्मा, डाक्टर बालमुकुंद प्रसाद, डॉ राजीव रंजन, डॉक्टर प्रशांत कुमार, डॉ आशुतोष कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।












 

बिहार राज्य इंडियन मेडिकल एसोसिएशन संघ का 78 वां वार्षिक सम्मेलन राजगीर में आयोजित किया गया, अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण डाक्टर श्याम नारायण प्रसाद ने किया बिहार राज्य इंडियन मेडिकल एसोसिएशन संघ का 78 वां वार्षिक सम्मेलन राजगीर में आयोजित किया गया, अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण डाक्टर श्याम नारायण प्रसाद ने किया Reviewed by News Bihar Tak on February 28, 2023 Rating: 5

राजगीर प्राकृतिक आरोग्याश्रम में जांच एवं इलाज प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के द्वारा आयोजन किया गया,संचालक उमेश कुमार ने कहा :प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करके प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति का जन्म हुआ

February 16, 2023


राजगीर प्राकृतिक आरोग्याश्रम में जांच एवं इलाज प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के द्वारा आयोजन किया गया।जिसका उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यात्म सलाहकार डॉ सुख नारायण भैया,प्राकृतिक आरोग्याश्रम के संचालक उमेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।मौके पर सैकड़ों लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से जांच एवं इलाज किया गया।लोगों को निरोग होने के लिए मौके पर कई सलाह दिया जाए।इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यात्म सलाहकार डॉ सुख नारायण भैया ने कहा कि हवन चिकित्सा एवं नेचरोपैथी चिकित्सा बहुत ही सटीक व सरल चिकित्सा विधि है,जिससे मानव जीवन को प्रभावित करने वाले दूषित वायु जो मनुष्य के स्वास के माध्यम से शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों से घेरे रहता है,उसे वन औषधियों को जलाकर हवन के धुओं को स्वॉस से खींचवाये जाते है।हवन चिकित्सा-विधि रोगी को तत्काल स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन जीने के कारगर उपाय है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा मुख्य रूप से विजातीय तत्वों के शरीर मे संचय होने, रक्त की अशुद्धि एवं शरीर मे जीवनीय शक्ति की कमी होने को रोगों का मुख्य कारण मानती है। प्राकृतिक चिकित्सा मे आहार को ही औषधि माना गया है, इसीलिए आहार के विभिन्न प्रकार और उपयोग का विस्तृत वर्णन प्राकृतिक चिकित्सा मे मिलता है।

इस अवसर पर इस अवसर पर प्राकृतिक आरोग्याश्रम के संचालक उमेश कुमार ने कहा कि मानव सेवा करते हुए हमें खुशी मिलती है, उन्होंने कहा कि यह संस्थान 60 वर्षों से लोगों को सेवा प्रदान कर रहा है।उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।प्राकृतिक रहन-सहन एवं खान-पान का प्रयोग करते हुए स्वस्थ रहना या बीमार होने पर प्रकृति द्वारा दिये गये तत्वों का प्रयोग करके निरोग हो जाना ही प्राकृतिक चिकित्सा है। इसी क्रम मे विभिन्न प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करके प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति का जन्म हुआ।सर्वप्रथम एक साधारण किसान विनसेंट प्रिसनिज ने 18वीं शताब्दी मे जल का उपयोग करके प्राकृतिक चिकित्सा को प्रारंभ किया।

उन्होंने कहा कि योग,नेचुरोपेथी, योग, आयुर्वेदिक विधि स्थित एवं राजगीर गरम जलधारा नये-पुराने रोगों का इलाज, जैसे- गैस्ट्रिक,त्वचा, कैंसर, बवासीर, सुगर,मोटापा, लकवा,मुहाँसा, ह्रदय रोग, गठिया वात व्याधि इत्यादि अन्य सभी प्रकार के पुरुष एवं स्त्री रोगों का रोग से मुक्ति मिल सकती है, इस अवसर पर रामप्रवेश दास, ने मौके पर कई गंभीर बीमारियों का उचित इलाज के बारे में विस्तार से बताया।





राजगीर प्राकृतिक आरोग्याश्रम में जांच एवं इलाज प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के द्वारा आयोजन किया गया,संचालक उमेश कुमार ने कहा :प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करके प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति का जन्म हुआ राजगीर प्राकृतिक आरोग्याश्रम में जांच एवं इलाज प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के द्वारा आयोजन किया गया,संचालक उमेश कुमार ने कहा :प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करके प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति का जन्म हुआ Reviewed by News Bihar Tak on February 16, 2023 Rating: 5

राजगीर में एसबीएल कंपनी के द्वारा होम्योपैथिक चिकित्सकों का सम्मेलन हुआ आयोजन,बेबी केयर रेंज के चार प्रोडक्ट की लॉन्चिंग भी की गई,कई वरीय चिकित्सक हुए शामिल

December 12, 2022


राजगीर में एसबीएल कंपनी के द्वारा होम्योपैथिक चिकित्सकों का एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।इस सम्मेलन का उद्घाटन एसबीएल के क्षेत्रीय प्रबंधक धर्मेंद्र मोहन,डॉक्टर देवनंदन चौधरी, डाक्टर अजीत कुमार,डॉ आर आर गिरी,बिंदेश्वर सिंह ने संयुक्त रूप से किया,इस अवसर पर वरीय चिकित्सकों के द्वारा बेबी केयर रेंज के चार प्रोडक्ट की लॉन्चिंग भी की गई,जिसको चिकित्सकों ने खूब पसंद किया गया,

इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रबंधक धर्मेंद्र मोहन ने कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सकों का एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है,उन्होंने कहा कि एसबीएल कंपनी देश की सबसे विश्वसनीय कंपनी है,जिस पर देश भर के चिकित्सक भरोसा करते हैं,इसी भरोसा को देखते हुए कंपनी के द्वारा लगातार कई प्रकार के प्रोडक्ट लॉन्च किए जा रहे हैं,और आम नागरिकों को सीधा फायदा पहुंचता है,इस अवसर पर चिकित्सकों के बीच सवाल जवाब का विशेष सत्र भी रखा गया,अभी मौजूदा समय में कई गंभीर बीमारियां चिकित्सकों के लिए चुनौतीपूर्ण वनी रहती है उस कुछ लोगों ने अपना व्याख्यान दिया है,

उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक दवाएं लागत प्रभावी, रुचिकर हैं, इनका कोई प्रतिकूल पार्श्व प्रभाव नहीं है और इनका आसानी से सेवन किया जा सकता है, उन्होंने कहा कि होम्योपैथी शरीर की महत्वपूर्ण ऊर्जा को ठीक करने के लिए उत्तेजित और बहाल करने का काम करती है और जब ऐसा होता है तो आप अपनी हर छोटी या बड़ी, पुरानी या नई परेशानी से छुटकारा पा लेंगे, चूंकि प्रतिरक्षा प्रणाली सक्रिय होती है, होम्योपैथी आपको भविष्य में होने वाली परेशानियों से भी बचाती है।उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणाली का इस्तेमाल स्वास्थ्य को बनाए रखने और दीर्घकालिक रोगों का इलाज करने किया जाता है,

होम्योपैथिक दवाएं खासकर एलर्जी, एटोपिक डर्मेटाइटिस, रूमेटाइड आर्थराइटिस और ईरिटेबल बाउल सिंड्रोम सहित अन्य रोगों का इलाज में वरदान साबित होता है,उन्होंने कहा कि अच्छी दवाइयों के बारे में भी विशेष रूप से चिकित्सकों को विशेष रूप से जागरूक किया गया,इस अवसर पर एफ एस ओ  राजीव शर्मा, सोनू कुमार ,प्रेमनाथ कुमार, डॉक्टर पवन कुमार, डॉक्टर शंभू कुमार, डॉक्टर अमित कुमार, डाक्टर प्रमोद कुमार, शंभू कुमार, डाक्टर  देवनंदन कुमार डाक्टर रमेश कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे,

राजगीर में एसबीएल कंपनी के द्वारा होम्योपैथिक चिकित्सकों का सम्मेलन हुआ आयोजन,बेबी केयर रेंज के चार प्रोडक्ट की लॉन्चिंग भी की गई,कई वरीय चिकित्सक हुए शामिल राजगीर में एसबीएल कंपनी के द्वारा होम्योपैथिक चिकित्सकों का सम्मेलन हुआ आयोजन,बेबी केयर रेंज के चार प्रोडक्ट की लॉन्चिंग भी की गई,कई वरीय चिकित्सक हुए शामिल Reviewed by News Bihar Tak on December 12, 2022 Rating: 5

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