चोरी के माउजर से नाबालिगों ने की थी हत्या,पुलिस ने किया जप्त

October 10, 2023


नालंदा थाना क्षेत्र के खारपर गांव में रविवार की दो नाबालिग दोस्तों ने माउजर से सिर में गोली मार युकक की हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस भाग रहे दोनों नाबालिगों को रेलवे स्टेशन के पास से निरूद्ध कर ली थी। मृतक सब्बैत गांव निवासी मंसूर आलम का 19 वर्षीय पुत्र अलमास है।नहाते हुए नग्न वीडियो वायरल करने की खुत्रस में आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया था।मौके से पुलिस माउजर व कारतूस बरामद की थी।

राजगीर डीएसपी प्रदीप कुमार ने बताया एक आरोपी ने खुलासा किया कि उसके मामा मकसूद आलम का पुत्र हारफिज अरमान घर में हथियार छिपाकर रखते हैं। उनका हथियार चोरी कर उसने वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों की निशादेही पर पुलिस टीम छापेमारी कर अरमान के घर से एक कट्टा, एक मैगजीन, एक लोहे का पंजा, 41 कारतूस, एक मोबाइल और एक बाइक बरामद की। छापेमारी टीम में नालंदा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह, जमादार धर्मनाथ राय समेत अन्य सुरक्षाकर्मी शामिल थे।

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वन विभाग के द्वारा आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में इरिना एहतेशाम लाया प्रथम स्थान, काफी संख्या में छात्र-छात्राएं हुए थे शामिल

October 09, 2023


वन विभाग के द्वारा राजगीर जू- सफारी पार्क में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। और इस प्रतियोगिता में केरला पब्लिक स्कूल के काफी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे।इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान इरिना एहतेशाम ने हासिल कर स्कूल का सम्मान बढ़ाया।हम आपको बताएं कि इरिना एहतेशाम जदयू के जिला महासचिव मोहम्मद एहतेशाम मलिक के पुत्री हैं।वही इस सफलता को लेकर परिजनों में भी काफी खुशी है।

इस अवसर पर मोहम्मद एहतेशाम मलिक ने बताया कि उनकी बेटी इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान लाकर स्कूल और अपने परिवार का नाम रोशन किया है।उन्होंने कहा उनकी बेटी पढ़ाई लिखाई में काफी मेहनत करती है।वहीं केरला पब्लिक स्कूल के शिक्षकों ने काफी प्रशंसा जाहिर करते हुए उज्वल भविष्य की कामना किया।इस अवसर पर वन विभाग के पदाधिकारीयों ने कहा कि विभाग के द्वारा इस तरह का प्रतियोगिताओं का आयोजन कराकर बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाता है।साथ ही पर्यावरण को लेकर भी विशेष रूप से जागरूक किया जाता है।

वन विभाग के द्वारा आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में इरिना एहतेशाम लाया प्रथम स्थान, काफी संख्या में छात्र-छात्राएं हुए थे शामिल वन विभाग के द्वारा आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में इरिना एहतेशाम लाया प्रथम स्थान, काफी संख्या में छात्र-छात्राएं हुए थे शामिल Reviewed by News Bihar Tak on October 09, 2023 Rating: 5

विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के तत्वाधान में आयोजित श्री गुरु गोविंद सिंह शोर्य जागरण रथ पहुंचा राजगीर, किया गया भव्य स्वागत

October 07, 2023


विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के तत्वाधान में आयोजित श्री गुरु गोविंद सिंह शोर्य जागरण रथ यात्रा संपूर्ण भारतवर्ष में भ्रमण किया जा रहा है।और उदासीन संगत फुलवारी शरीफ से पूरे दक्षिण बिहार प्रांत का भ्रमण के क्रम में श्री गुरु गोविंद सिंह शोर्य जागरण रथ यात्रा शुक्रवार को राजगीर पहुंचा। इस अवसर पर बड़ी संगत के मठाधीश महामडलेश्वर स्वामी विवेक मुनि महाराज के नेतृत्व में लोगों ने यात्रा में शामिल सभी लोगों का पुरे भव्य रूप में स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर यात्रा में शामिल राष्ट्रीय धर्माचार्य नानकशाही पीठाधीश्वर एवं केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल संयोजक महंत दयानंद मुनि ने बताया कि यह शौर्य जागरण यात्रा श्री राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या बरसों हिंदू समाज के संघर्ष के बाद रामलाल अपने गर्भ ग्रह में विराजमान होने जा रहे हैं।और लगभग 50 लाख लोगों को श्री राम मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से समाज में जात-पात छुआछूत को समाप्त करना का आग्रह समाज से पूज्य संतों के माध्यम से किया गया एवं मठ मंदिर गौ गंगा गायत्री भारत के महापुरुषों की शौर्य गाथा के अनुसार युवा पीढ़ी अपना आचरण करें। साथ ही अपने जीवन को राष्ट्र धर्म की खातिर सदैव तत्पर रहे जिस प्रकार सनातन धर्म की रक्षा के लिए जगतगुरु शंकराचार्य जगतगुरु श्री चंद्र भगवान संत कबीर दास संत रविदास जगतगुरु रामानंदाचार्य जी ने कहा जाति बात पूछे नहीं कोई हरिका बजे सोहरीका हुई सिख संप्रदाय के 10 गुरुओं ने अपने पूरे जीवन में सनातन की रक्षा की बात कही है और राम नाम का प्रचार भी किया है।उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति व सभ्यता विश्व की सर्वाधिक प्राचीन एवं समृद्ध संस्कृति व सभ्यता है। इसे विश्व की सभी संस्कृतियों की जननी माना जाता है। जीने की कला हो, विज्ञान हो या राजनीति का क्षेत्र भारतीय संस्कृति का सदैव विशेष स्थान रहा है। अन्य देशों की संस्कृतियाँ तो समय की धारा के साथ-साथ नष्ट होती रही हैं किंतु भारत की संस्कृति व सभ्यता आदिकाल से ही अपने परंपरागत अस्तित्व के साथ अजर-अमर बनी हुई है। जिससे हमें इसको और बचाना है।इस अवसर पर महामडलेश्वर स्वामी विवेक मुनि महाराज ने कहा कि हमारा देश अनादिकाल से ही हर क्षेत्र में स्वस्थ परंपराओं, रीति-रिवाज और आपसी सद्भभाव का संवाहक रहा है जिसका प्रतिफल सदैव ही सकारात्मक रूप में हमारे सामने आया है।

हमारी संस्कृति अन्य देशों के लिए भी आदर्श बनी है जिसके कई उदाहरण हम सब जानते हैं।उन्होंने कहा कि विरासत से चली आ रही संस्कृतियों,परंपराओं पर ग्रहण लगता जा रहा है। साफ कहूं तो अब हमारी संस्कृति धीरे-धीरे अपसंस्कृति में बदलती जा रही है। इसीलिए अपनी संस्कृति परंपराओं को बचाकर रखना है।और इसको लेकर अपने युवा पीढ़ी को विशेष रूप से जागरूक करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा बनाई गई परंपराओं के पीछे कोई न कोई आधार होता था। हर परंपरा सुख-समृद्धि का कारक होती है। सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और वैज्ञानिक तथ्य इनमें समाहित हैं।आधुनिक युग में विभिन्न परेशानियों का हवाला देकर हम अपनी संस्कृति को अपने से विलग करते जा रहे हैं जो दुखदायी है। परेशानियां तो पहले भी होती थीं पर तब मानसिक रूप से हमारे पूर्वज इनका निर्वाह करने के लिए तैयार होते थे। आज हमारी मानसिकता परिवर्तित होती जा रही है। इन परंपराओं को हम रूढ़िवादिता बताकर नकारने लगे हैं जो घातक सिद्ध हो रही है।उन्होंने कहा कि आज इन्हें बचाने की सर्वाधिक जरूरत है। बदलते हुए इस समय में परंपराओं को भी आधुनिकता का जामा पहनाया जा सकता है और उनका निर्वाह किया जा सकता है।

यदि हम ऐसा करने में सफल रहे तो यह हमारी युवा पीढ़ी की जड़ों को मजबूती प्रदान करेगी और विघटित होते जा रहे घर-परिवारों को बचाने में अपनी अहम भूमिका के रूप में ही सामने आएगी। उन्होंने कहा कि की हमारी गौरवशाली संस्कृति आज अपसंस्कृति में बदलती जा रही है जिसे बचाने के लिए हम सबको मन, वचन और कर्म से आगे आना ही होगा क्योंकि हमारी परंपराएं ही हमारी बिगड़ी हुई जीवन शैली को सुधार सकती हैं।इस अवसर पर सामाजिक समरसता प्रमुख संदीप कुमार,सह संयोजक बजरंग दल रोहित कुमार सिंह,अभय कुमार,राजा कुमार अजय कुमार गुप्ता, विपिन झा,बाबा पहलाद दास महाराज, महंत स्वामी रमेश आनंद बापू जी महाराज ,बाबा बच्चा दास, मनजीत सिंह ,प्रमोद कुमार पिंटू उपाध्याय,सहित अन्य लोग उपस्थित थे। 


विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के तत्वाधान में आयोजित श्री गुरु गोविंद सिंह शोर्य जागरण रथ पहुंचा राजगीर, किया गया भव्य स्वागत विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के तत्वाधान में आयोजित श्री गुरु गोविंद सिंह शोर्य जागरण रथ पहुंचा राजगीर, किया गया भव्य स्वागत Reviewed by News Bihar Tak on October 07, 2023 Rating: 5

आयुध निर्माणी नालंदा द्वारा राजगीर में स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया,महाप्रबंधक एनके अग्रवाल हुए शामिल

October 06, 2023


आयुध निर्माणी नालंदा के महाप्रबंधक एनके अग्रवाल की नेतृत्व में निर्माणी के गेट नम्बर एक के समीप स्थित रसलपुर गांव सहित अन्य स्थानों पर स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, शिक्षक,ग्रामवासी एवं निर्माणी के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।इस अवसर पर महाप्रबंधक द्वारा गांव के क्षेत्र में सफाई करते हुए गांव के लोगों से स्वच्छ परिवेश  रखने की अपील की और भारत सरकार के स्वच्छता ही सेवा अभियान के उद्देश्यों और महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि स्वच्छता एक सामाजिक दायित्व है।

इसे अपनी जीवनशैली बनाकर ही हम इस अभियान को सफल बना सकते हैं।उन्होंने कहा जीवन में स्वच्छता का बहुत बड़ा महत्व है।उन्होंने कहा कि स्वच्छता का सीधा सम्बन्ध हमारी सभ्यता एवं स्वास्थ्य से है।खान एवं पान में स्वच्छता रहने से शरीर स्वस्थ रहता है।घरों के आसपास, सड़कों, नालियों, पोखरों, नदियों आदि में गन्दगी न फैलने से सारा वातावरण स्वच्छ रहता है।और रोग भी नहीं फैलते हैं, जल एवं वायु में भी शुद्धता रहती है।वहीं सघन साफ सफाई कार्यक्रम के साथ विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण किया गया। निर्माणी प्रशासन ने इस दौरान अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से उत्पादन अनुभाग के अनेक स्थलों पर भी सफाई अभियान आयोजित किया।और लोगों को विशेष रूप से जागरूक किया। 

 




आयुध निर्माणी नालंदा द्वारा राजगीर में स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया,महाप्रबंधक एनके अग्रवाल हुए शामिल आयुध निर्माणी नालंदा द्वारा राजगीर में स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया,महाप्रबंधक एनके अग्रवाल हुए शामिल Reviewed by News Bihar Tak on October 06, 2023 Rating: 5

अपनी मांगों को लेकर राजगीर नगर परिषद के सभी सफाई कर्मियों ने किया धरना-प्रदर्शन,अध्यक्ष बादल कुमार ने कहा -हमारी मांगे पुरी नहीं होगी तो सड़क पर उतरकर करेंगे आंदोलन

September 30, 2023


राजगीर नगर परिषद के सभी सफाई कर्मी पदाधिकारी के उपर भ्रष्टाचार और तानाशाही का आरोप लगाते हुए एवं अपनी मांगों को लेकर नगर परिषद के सभी सफाई कर्मियों अपने कामों को बंद कर पूरे शहर में जुलूस निकालकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचा और नगर परिषद कार्यालय का मुख्य दरवाजा को बंदकर पदाधिकारीयों  के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी किया।और अपनी मांगों को रखा।वहीं प्रदर्शन को देख नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी पूरा दिन ऑफिस से गायब दिखे,सफाई कर्मियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि करवाई एवं हमारी मांगे पूरी नहीं होगी तो सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे वहीं सभी सफाई कर्मी अपना आंदोलन बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के बैनर तले किया गया है,इस अवसर पर महासंघ के अध्यक्ष बादल कुमार ने कहा कि पदाधिकारी को सिर्फ कमीशन चाहिए, सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च होते हैं।लेकिन इनके द्वारा सफाई कर्मियों को ठीक तरह से वेतन नहीं दिया जाता है,ना ही सफाई कर्मियों को कोई सरकारी सुविधा प्रदान किया जाता है।और ना ही सफाई कर्मियों को वेतन की बढ़ोतरी की जा रही है,जो लोग कमीशन देते हैं उसी का यह वेतन बढ़ाने का काम करते हैं।लेकिन सफाई कर्मी बेहद गरीब है,वह कमीशन नहीं देते हैं तो इन लोगों का वेतन नहीं बढ़ाते हैं ना ही कोई सरकारी सुविधा प्रदान करते हैं,जिसके कारण सफाई कर्मियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उनहोंने कहा कि यह विभाग को सिर्फ लूटने का काम किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि नगर परिषद कार्यालय में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से साफ सफाई के नाम पर कई छोटे-बड़े मशीन खरीदारी की गई है,जिसकी ठीक तरह से उपयोगिता भी नहीं है,अगर ठीक तरह से इस खरीदारी की जांच की जाएगी तो करोड़ों रुपये की गवन सामने आएगा,उन्होंने कहा कि हमलोगों का मांग है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त एवं तानाशाह पदाधिकारी को अभिलंब हटाया जाए, वर्षों से कार्यरत दैनिक कर्मियों की सेवा को अविलंब नियमित किया जाए, वर्षों से कार्यरत इन कर्मियों को समान काम के लिए समान वेतन की नीति पर अविलंब अमल किया जाए।एवं इनकी न्यूनतम मजदूरी ₹21000 निर्धारित की जाए,सभी दैनिक संविदा आउटसोर्स कर्मियों की सेवा 60 वर्ष की आयु तक निर्धारित की जाए,वर्षों से कार्यरत इन कर्मियों की निजी संचिका खोली जाए,सभी कार्यरत स्थाई कर्मियों को सरकारी कर्मियों के समतुल्य वेतन, पेंशन एवं ए०सी०पी० आदि का लाभ दिया जाए तथा छठा वेतन पुनरीक्षण में लगे पेंच को समाप्त किया जाए, निजीकरण की व्यवस्था पर रोक लगे एवं आउट सर से नियुक्ति बंद हो,वर्ष 2004 अथवा इसके बाद नियुक्त कर्मियों को एनपीएस के साथ जोड़ा जाए एवं सबको प्राण नंबर आवंटित किया जाए,कार्य के दौरान मृत्यु होने पर निकाय कर्मियों तथा स्थाई दैनिक अथवा आउटसोर्स कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी एवं मुआवजा के रूप में कम से कम दस लाखकी आर्थिक सहायता प्रदान की जाए,मृत नगर निकाय कर्मियों दैनिक कर्मियों सहित के आश्रितों की नियुक्ति अभिलंब की जाए,

नगर विकास एवं आवास विभाग का आदेश पत्रांक 1801 दिनांक 3-5-2018, ज्ञापांक 3453 दिनांक 29 जून 2018 ज्ञापांक 1526 दिनांक 31 मार्च 2021 एवं ज्ञापांक 1801 दिनांक 5 मई 2021 को रद्द किया जाए, 74वां संविधान संशोधन की मूल भावना के साथ छेड़छाड़ बंद हो एवं उक्त के आलोक में राज्य के सभी स्वायत्तता बरकरार रखी जाए।इस अवसर पर  सचिन, मुक्ति शंकर सिंह, इंदल डोम,अशोक कुमार राम ,त्रिदेव डोम, पिंटू डोम,डिंगर डोम, करू डोम, मंगल डोम,जैकी डोम, कुंदन डोम,टुनटुन डोम, अशोक डोम चंदन डोम  सूरज डोम,कारी देवी आशा देवी सुनीता देवी विजय कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।वही नगर परिषद क्षेत्र में साफ सफाई भी बाधित रही।जिसके कारण चौक चौराहा पर गंदगी दिखा।

अपनी मांगों को लेकर राजगीर नगर परिषद के सभी सफाई कर्मियों ने किया धरना-प्रदर्शन,अध्यक्ष बादल कुमार ने कहा -हमारी मांगे पुरी नहीं होगी तो सड़क पर उतरकर करेंगे आंदोलन अपनी मांगों को लेकर राजगीर नगर परिषद के सभी सफाई कर्मियों ने किया धरना-प्रदर्शन,अध्यक्ष बादल कुमार ने कहा -हमारी मांगे पुरी नहीं होगी तो सड़क पर उतरकर करेंगे आंदोलन Reviewed by News Bihar Tak on September 30, 2023 Rating: 5

राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में तीन दिवसीय इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के राष्ट्रीय कांफ्रेंस का हुआ आयोजन-देश के सभी राज्यों से 1200 चिकित्सक हुए शामिल

September 24, 2023


राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में तीन दिवसीय इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के राष्ट्रीय कांफ्रेंस आयोजन किया गया है।इस कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों से 1200 चिकित्सक शामिल हुए हैं। इस तीन दिनों तक देश के वरीय चिकित्सकों के द्वारा विभिन्न विषयों पर 170 शोध पत्र पढ़े गए।कार्यक्रम का उद्घाटन इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.अतुल श्रीवास्तव, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. वी.के. सिन्हा,आयोजन समिति के सचिव डॉ. अशोक कुमार सिन्हा,डॉ. रंजीत कुमार सिंह,डॉ. संजय धवन,डॉ.मनोज कुमार डॉ. राम चड्ढा , डॉ राजीव आनंद संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित प्रकार किया।इस अवसर पर आयोजन समिति के सचिव डॉ अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि तीन दिवसीय इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के राष्ट्रीय कांफ्रेंस 'नेल्सन शुरू हो गया है।और इस कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों से 1200 चिकित्सक शामिल हुए हैं।

जिसमें तीन दिनों तक विभिन्न विषयों पर 170 शोध-पत्र विशेषज्ञों के द्वारा पढ़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि  80% से अधिक दर्दनाक चोटें सड़क दुर्घटनाओं के परिणामस्वरूप होती थीं।इनमें सिर, रीढ़ की हड्डी, छाती, अंगों की जटिल चोटें और दुर्घटनाओं या गिरने से होने वाली अंग क्षति शामिल हैं।उन्होंने कहा कि एक पूर्ण जीवन की खोज में, अच्छे स्वास्थ्य के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता।स्वास्थ्य देखभाल के विभिन्न पहलुओं के बीच, आर्थोपेडिक देखभाल किसी व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।गतिशीलता का समर्थन करने से लेकर समग्र कल्याण को बढ़ाने तक, आर्थोपेडिक देखभाल में उपचार और प्रथाओं की एक श्रृंखला शामिल है जो सीधे तौर पर प्रभावित करती है कि हम जीवन का अनुभव कैसे करते हैं। इस लेख में, हम आर्थोपेडिक देखभाल के महत्व का पता लगाएंगे और यह हमारे दैनिक अस्तित्व पर कितना गहरा प्रभाव डालता है।आर्थोपेडिक देखभाल आपके दैनिक जीवन को कैसे प्रभावित करती है।उन्होंने कहा कि आर्थोपेडिक देखभाल दवा की एक विशेष शाखा है।जो मस्कुलोस्केलेटल प्रणाली से संबंधित स्थितियों के निदान, उपचार, रोकथाम और पुनर्वास के लिए समर्पित है। इस जटिल प्रणाली में हड्डियाँ, जोड़, मांसपेशियाँ, स्नायुबंधन, टेंडन और अन्य संयोजी ऊतक शामिल हैं। आर्थोपेडिक देखभाल फ्रैक्चर और खेल की चोटों से लेकर गठिया जैसी अपक्षयी स्थितियों तक, मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला का समाधान करती है।उन्होंने कहा कि आर्थोपेडिक देखभाल के प्रमुख लाभों में से एक गतिशीलता और कार्यक्षमता को बढ़ाने में इसकी भूमिका है।हमारा मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम शरीर के संरचनात्मक ढांचे के रूप में कार्य करता है।जो हमें चलने, चलने, दौड़ने और रोजमर्रा की गतिविधियों को करने में सक्षम बनाता है। सर्जिकल और गैर-सर्जिकल दोनों प्रकार के आर्थोपेडिक उपचारों का उद्देश्य इन घटकों की कार्यप्रणाली को बहाल करना और उनमें सुधार करना है।

दर्द को कम करने वाले जोड़ों के प्रतिस्थापन से लेकर कमजोर मांसपेशियों को मजबूत करने वाली भौतिक चिकित्सा तक, आर्थोपेडिक देखभाल व्यक्तियों को अपनी स्वतंत्रता हासिल करने और सक्रिय रहने के लिए सशक्त बनाती है।उन्होंने कहा कि आर्थोपेडिक स्थितियों से उत्पन्न होने वाला पुराना दर्द किसी के जीवन की गुणवत्ता को काफी हद तक कम कर सकता है।चाहे वह हर्नियेटेड डिस्क की पीड़ा हो या ऑस्टियोआर्थराइटिस की लगातार परेशानी, आर्थोपेडिक देखभाल दर्द को कम करने और प्रबंधन पर केंद्रित है। दर्द-राहत तकनीकों, दवाओं और लक्षित उपचारों के संयोजन के माध्यम से, व्यक्ति लगातार दर्द से राहत पा सकते हैं। यह, बदले में, न केवल शारीरिक आराम में सुधार करता है बल्कि मानसिक और भावनात्मक कल्याण पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।उन्होंने कहा कि आर्थोपेडिक देखभाल केवल मौजूदा स्थितियों को संबोधित करने के बारे में नहीं है; यह रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्वस्थ वजन बनाए रखने, नियमित व्यायाम करने और एर्गोनोमिक प्रथाओं को अपनाने जैसे सक्रिय उपाय ऑर्थोपेडिक मुद्दों के जोखिम को काफी कम कर सकते हैं।

इन निवारक रणनीतियों को अपनाकर, व्यक्ति अपने मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य की दीर्घायु को बढ़ा सकते हैं और बाद में जीवन में दुर्बल स्थितियों की संभावना को कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन की गुणवत्ता पर आर्थोपेडिक देखभाल का प्रभाव गहरा है। कल्पना करें कि आप दर्द से घबराए बिना चलने में सक्षम हो सकते हैं, ऐसे शौक पूरे कर सकते हैं जिनमें शारीरिक परिश्रम की आवश्यकता होती है, या बस बिना किसी परेशानी के अच्छी रात की नींद का आनंद ले सकते हैं।आर्थोपेडिक हस्तक्षेप इन परिदृश्यों को संभव बनाते हैं। गतिशीलता में सुधार करके, दर्द को कम करके और समग्र मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य को बढ़ावा देकर, आर्थोपेडिक देखभाल व्यक्तियों को शारीरिक सीमाओं से मुक्त पूर्ण जीवन जीने के लिए सशक्त बनाती है।उन्होंने कहा कि इस कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य फ्रैक्चर के बेहतर इलाज का है।ऑर्थोपेडिक नैलिंग को कैसे और डेवलप किया जाए, इसी पर मंथन करना है। इस विधा के नए - नए तकनीक से डॉक्टरों को अवगत कराना भी एक उद्देश्य है।इस अवसर पर विशेषज्ञ दो अमूल्य कुमार सिंह ने कहा इस कार्यक्रम के माध्यम से अभ्यास करने वाले सर्जनों को वर्तमान ज्ञान, स्नातकोत्तर छात्रों को निर्देशात्मक पाठ्यक्रम व्याख्यान और एसोसिएशन के सदस्यों को प्रबंधन प्रोटोकॉल में अंतर्दृष्टि प्रदान करना है।उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के माध्यमों से सदस्यों के बीच वैज्ञानिक और सांस्कृतिक बातचीत का उत्कृष्ट प्रदर्शन होता है।

उन्होंने कहा कि हड्डी और जोड़ों के स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाना और विभिन्न मस्कुलोस्केलेटल विकारों और स्थितियों को रोकना है।उन्होंने कहा कि लोगों को हड्डी और जोड़ों के मुद्दों के संकेतों और लक्षणों के बारे में शिक्षित करके , यह दिन शीघ्र पता लगाने और समय पर हस्तक्षेप को प्रोत्साहित करता है। शीघ्र निदान से बेहतर उपचार परिणाम और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।इसलिए हमने अपनी हड्डियों और जोड़ों के स्वास्थ्य बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हड्डी और जोड़ों के स्वास्थ्य में गिरावट के मुख्य कारणों में आवश्यक शारीरिक गतिविधियों के बारे में जागरूकता की कमी, विटामिन डी से भरपूर उचित पोषण की कमी, शराब का सेवन जैसी आदतें शामिल हैं। तम्बाकू चबाना और धूम्रपान करना, और युवा और रजोनिवृत्त महिलाओं में कैल्शियम सेवन की कमी।शीघ्र उपचार के लिए कमजोर हड्डियों और जोड़ों के लक्षणों को पहचानना महत्वपूर्ण है।सामान्य लक्षणों में लगातार जोड़ों में दर्द, कठोरता, सूजन, गति की कम सीमा, दैनिक गतिविधियों को करने में कठिनाई और फ्रैक्चर की बढ़ती संवेदनशीलता शामिल है। पीठ, कूल्हों, घुटनों और कंधों में पुराना दर्द और असुविधा भी हड्डी और जोड़ों की समस्याओं का संकेत दे सकती है। यदि किसी को इनमें से कोई भी लक्षण अनुभव होता है, तो उचित मूल्यांकन और उपचार के लिए स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श करना आवश्यक है।

इस अवसर पर ऑर्थोपेडिक सर्जन डा प्रशांत कुमार सिन्हा ने कहा कि केशव नैलिंग से इस समस्या से निजात पाया जा सकता है।आर्डिनरी नैलिंग लूज हो जाता है। लेकिन केशव नेल (टूटे हुए हड्डी को जोड़नेवाला रॉड) डालने से यह लंबे वक्त तक स्थायी निवारण देता है। उन्होंने कहा कि सुप्रकोंडायलर नैलिंग ऑफ फेमूर ' विषय पर अपनी बातों को रखा।वहीं महाराष्ट्र से आए डायरेक्टर डा शिवा शंकर कूल्हा टूटने पर उसके इलाज के लिए ईजाद नए तकनीक के उपर अपनी बातों को रखा।

इस अवसर पर डॉ अमित रस्तोगी, डॉ महेश प्रसाद, डॉ रंजीत कुमार, डॉ राम चड्ढा, डॉ संजय धवन, डॉ अरुण कुमार ,डॉक्टर मणि भूषण ,डॉक्टर प्रवीण साहू, डॉ रमित गुंजन, डॉ मधुसूदन कुमार, डॉ सुधीर कुमार, डॉ शैलेंद्र कुमार सिंह, डॉ राजीव रमन, डॉ नवीन ठाकुर, डॉ बीके ठाकुर, डॉक्टर प्रोफेसर अर्जुन सिंह, डॉ उपेंद्र कुमार, डॉक्टर रोहित लाल, डॉक्टर निशांत सिंह, डॉक्टर विद्यासागर, डॉ एनके अग्रवाल, डॉ अजीत सैगल, डॉ मनीष कुमार ,डॉक्टर संदीप कुमार ,डॉक्टर अमित रस्तोगी, डॉक्टर संतोष सिंह , डॉ अरुण कुमार शर्मा, डॉ प्रभात प्रकाश, डॉ सूर्य प्रकाश शर्मा, डॉ रंजीत कुमार सिंह, डॉक्टर के एस आनंद, डॉ अरुण कपूर ,डॉक्टर नवीन ठक्कर, डॉ प्रमोद कुमार डॉक्टर आशुतोष कुमार डॉ नीरज राज डॉक्टर सिद्धार्थ सिंह, सहित अन्य लोग उपस्थित थे।



















 

राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में तीन दिवसीय इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के राष्ट्रीय कांफ्रेंस का हुआ आयोजन-देश के सभी राज्यों से 1200 चिकित्सक हुए शामिल राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में तीन दिवसीय इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन के राष्ट्रीय कांफ्रेंस का हुआ आयोजन-देश के सभी राज्यों से 1200 चिकित्सक हुए शामिल Reviewed by News Bihar Tak on September 24, 2023 Rating: 5

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने एक करोड़ 21 लाख रुपए की लागत से राजगीर से नाहुव -नोनही जाने वाली सड़क के कालीकरण कार्य का किया शुभारंभ

August 25, 2023


बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के द्वारा शुक्रवार को एक करोड़ 21 लाख की लागत से राजगीर से नाहुव नोनही जाने वाली सड़क के कालीकरण कार्य का शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में सड़कों का महाजाल बिछाया जा रहा है।हर छोटी से छोटी आबादी को सड़क से जोड़कर विकास की किरण गांव गांव शहर तक फैलाया जा रहा है।

बिहार के विकास की रफ्तार अब तेजी से हो रहा है। पूरे भारत में सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य बिहार बन गया है। शउन्होंने कहा कि कार्य संपन्न होने के बाद कार्यकारी एजेंसी ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा 5 साल तक इस सड़क का मेंटेनेंस भी किया जाएगा।उन्होंने कहा कि नाहूव नोनही अब नगर परिषद का हिस्सा बन गया है।अब इन गांवों का विकास शहरों की तरह होगा।गांव की गालियां रोशनी और साफ सफाई से चकाचक होगी। इस अवसर पर जदयू नेता मुन्ना कुमार,जयराम सिंह,वार्ड पार्षद एकबाल हसीब,सुधीर पटेल सहित अन्य लोग उपस्थित थे। 

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने एक करोड़ 21 लाख रुपए की लागत से राजगीर से नाहुव -नोनही जाने वाली सड़क के कालीकरण कार्य का किया शुभारंभ ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने एक करोड़ 21 लाख  रुपए की लागत से राजगीर से नाहुव -नोनही जाने वाली सड़क के कालीकरण कार्य का किया शुभारंभ Reviewed by News Bihar Tak on August 25, 2023 Rating: 5

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