तीन दिवसीय राजगीर में श्री गुरु नानक देव जी महाराज का 555 वां प्रकाश पर्व का हुआ समापन,सुमित कलसी ने कहा : भारत की पावन भूमि पर कई संत-महात्मा अवतरित हुए हैं

November 24, 2023




पर्यटन स्थल राजगीर में आयोजित श्री गुरु नानक देव जी महाराज का 555 वां प्रकाश पर्व के अंतिम दिन  गुरु नानक शीतल कुंड प्रांगण गुरु का भजन नानक आया , नानक आया मंगल गाओ मंगल गाओ 555 वां गुरुनानक देव जी के नाल भजन से राजगीर पंच पहाडियां गुंज उठी।वहीं पंजाब ,हरियाणा ,दिल्ली , मुंबई , पुणे , कोलकाता ,चेन्नई ,हरियाणा ,राजस्थान , अमृतसर , जयपुर ,आगरा ,झारखंड ,छत्तीसगढ , सहीत अन्य राज्यों से भारी संख्या में सिख श्रद्धालु शामिल हुए।सीख श्रद्धालु दरबार में माथा टेका और लंगर में प्रसाद ग्रहण किया।



इस अवसर पर प्रबंधक सुमित कलसी ने कहा कि  भारत की पावन भूमि पर कई संत-महात्मा अवतरित हुए हैं, जिन्होंने धर्म से विमुख सामान्य मनुष्य में अध्यात्म की चेतना जागृत कर उसका नाता ईश्वरीय मार्ग से जोड़ा है। ऐसे ही एक अलौकिक अवतार गुरु नानकदेव जी हैं।

ऊंच-नीच का विरोध करते हुए गुरु नानकदेव अपनी मुखवाणी 'जपुजी साहिब' में कहते हैं कि 'नानक उत्तम-नीच न कोई' जिसका भावार्थ है कि ईश्वर की निगाह में छोटा-बड़ा कोई नहीं फिर भी अगर कोई व्यक्ति अपने आपको उस प्रभु की निगाह में छोटा समझे तो ईश्वर उस व्यक्ति के हर समय साथ है।

यह तभी हो सकता है जब व्यक्ति ईश्वर के नाम द्वारा अपना अहंकार दूर कर लेता है। तब व्यक्ति ईश्वर की निगाह में सबसे बड़ा है और उसके समान कोई नहीं।उन्होंने कहा कि समाज में समानता का नारा देने के लिए नानक देव ने कहा कि ईश्वर हमारा पिता है और हम सब उसके बच्चे हैं और पिता की निगाह में छोटा-बड़ा कोई नहीं होता।

वही हमें पैदा करता है और हमारे पेट भरने के लिए खाना भेजता है। इस अवसर पर  मुख्य कथा वाचक भाई सुखदेव सिंह ने कहा की गुरु नानकदेवजी के बताए रास्ते पर चलने के लिए  नानकदेवजी ने अपना पूरा जीवन समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में समर्पित कर दिया।भगवान एक है।एक ही गुरु है और कोई नहीं। जहां गुरु जाते हैं, वह स्थान पवित्र हो जाता है।

उन्होंने कहा कि यह श्री गुरु नानक देव जी महाराज का 555 वां में प्रकाश पर्व का आयोजन किया गया जो राजगीर के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने दुनिया को 'नाम जपो, किरत करो, वंड छको' का संदेश देकर समाज में भाईचारक सांझ को मजबूत किया और एक नए युग की शुरुआत की।

सामाजिक कुरीतियों का विरोध करके उन्होंने समाज को नई सोच और दिशा दी। गुरु जी ने ही समाज में व्याप्त ऊंच-नीच की बुराई को खत्म करने और भाईचारक सांझ के प्रतीक के रूप में सबसे पहले लंगर की शुरुआत की।इस अवसर पर बाबा बेअंत सिंह गुरु जी की बाणी और उनकी शिक्षाओं से संगत को निहाल किया जाता है। गुरु नानक नाम लेवा संगत उन्हें बाबा नानक और नानकशाह फकीर भी कहती है।गुरु नानक देव जी ने अपना पूरा जीवन मानवता की सेवा में लगा दिया। उन्होंने सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान, ईरान और अरब देशों में भी जाकर लोगों को पाखंडवाद से दूर रहने की शिक्षा दी। गुरु जी के जन्मदिवस को गुरु पर्व या प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है।

श्री ननकाणा साहिब में प्रसिद्ध गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब भी है।इसका निर्णाण महाराजा रणजीत सिंह ने करवाया था।उन्होंने कहा कि सिखों के पहले गुरु नानकदेवजी की जयंती देशभर में प्रकाश पर्व के रूप में मनाई जाती है। प्रकाश पर्व यानी मन की बुराइयों को दूर कर उसे सत्य,ईमानदारी और सेवाभाव से प्रकाशित करना।इस अवसर पर बाबा सुखदेव सिंह ने कहा कि गुरु की महिमा का व्याख्यान करते हुए कहा की गुरु नानक देव केवल सिख धर्म के संस्थापक ही नहीं, बल्कि मानव धर्म के उत्थापक हैं. वे केवल सिखों के आदि गुरु नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के गुरु हैं,वे भारत की वैभवशाली और विश्व-बन्धुत्व की समृद्ध परंपरा के अद्वितीय प्रतीक हैं. उनके व्यक्तित्व में दार्शनिक, योगी, गृहस्थ, धर्मसुधारक, समाजसुधारक, कवि, देशभक्त और विश्वबंधुत्व आदि समस्त गुणों के दर्शन हो जाते हैं।

उनकी शिक्षाएं और विचार सदैव मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करती है।उन्होंने कहा कि  बचपन से प्रखर बुद्धि के धनी गुरुनानक देव वैसे विकट समय में जन्म लिये थे, जब भारत में कोई केंद्रीय संगठित शक्ति नहीं थी. विदेशी आक्रमणकारी देश को लूटने में लगे थे,धर्म के नाम पर अंधविश्वास और कर्मकांड चारों तरफ फैला हुआ था,उस समय गुरु नानक देव ने अपने विचारों और दर्शन से समाज को सही मार्ग दिखा कर एकसूत्र में पिरोया था, उन्होंने अपनी सुमधुर सरल वाणी से जनमानस के हृदय को जीत लिया था,लोगों को सरल भाषा में केवल गुरुवाणी का संदेश ही नहीं बल्कि विश्व बंधुत्व का पैगाम भी उन्होंने दिया,नानक देव जी ने कहा था कि ईश्वर सबके पिता हैं,

फिर एक पिता की संतान होने के बावजूद हम ऊंच-नीच कैसे हो सकते हैं,इन्हीं सभी भ्रांतियों को दूर करने के लिए उन्होंने उपदेशों को अपने जीवन में अमल किया और चारों ओर धर्म का प्रचार कर स्वयं एक आदर्श बने,उन्होंने सामाजिक सद्भाव की मिसाल कायम की,उनहोंने कहा कि गुरुनानक देव जी ने ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने के लिए लंगर की परंपरा शुरू की थी,लंगर में छूत- अछूत सभी जाति - वर्ग के लोग एक साथ बैठकर लंगर छकते हैं, उसी परंपरा के तहत सभी गुरुद्वारों में लंगर की व्यवस्था होती है,लंगर में बिना भेदभाव संगत सेवा होती है,

उनहोंने कहा कि गुरु नानक देव ने भारत के अलावे कई देशों की यात्राएं कर धार्मिक एकता के उपदेशों और शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार कर दुनिया को जीवन का नया मार्ग बताया। पांच सौ पचास वर्ष पूर्व दिए उनके उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं. उनका संदेश देश-दुनिया में मानवता को आलोकित कर रहा है।इस अवसर प्रबंधक सुमित कलसी, ग्रंथि मनजीत सिंह,

प्रबंधक प्रभाष साह,गुरुनानक मिशनरी सेंटर राजगीर के सचिव त्रिलोक सिंह निषाद,गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार जगजोत सिंह,उपाध्यक्ष लखविंदर सिंह,उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह,महासचिव सरदार इंद्रजीत सिंह,सचिव सरदार हरबंस सिंह,सदस्य सरदार राजा सिंह,पूर्व महासचिव सदस्य सरदार महेंद्र पाल सिंह ढिल्लों,भाई गुरविंदर सिंह,भाई राम अवतार सिंह,सरदार बंटी सिंह,छोटे सिंह,लखविंदर सिंह,शुखविन्द् सिंह,खुशविंदर सिंह,राजन सिंह,चरणजीत सिंह, अमनदीप सिंह,अमुजेश कुमार,बृजेश सिंह,संजय सिंह,नीतिश सिंह इंद्रजीत सिंह, लखविंदर सिंह सुखवीर सिंह,हरजीत सिंह जी ,सुरजीत सिंह, परपाल सिंह जहौल,जसवीर सिंह ,मत्तेवाल, जत्थेदार भूपेन्द्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे


तीन दिवसीय राजगीर में श्री गुरु नानक देव जी महाराज का 555 वां प्रकाश पर्व का हुआ समापन,सुमित कलसी ने कहा : भारत की पावन भूमि पर कई संत-महात्मा अवतरित हुए हैं तीन दिवसीय राजगीर में श्री गुरु नानक देव जी महाराज का 555 वां प्रकाश पर्व का हुआ समापन,सुमित कलसी ने कहा : भारत की पावन भूमि पर कई संत-महात्मा अवतरित हुए हैं Reviewed by News Bihar Tak on November 24, 2023 Rating: 5

बिहार पुलिस अकादमी में प्रशिक्षु डीएसपी का हुआ दीक्षांत समारोह, डीजीपी हुए शामिल,उन्होंने कहा कि पर्सनैलिटी ईमानदारी सत्य निष्ठा पुलिस की बुनियाद है

November 24, 2023


राजगीर स्थीत बिहार पुलिस अकादमी मे 65 वां बेंच के 57 प्रशिक्षु डीएसपी जिसमें 22 महिला एवं 37 पुरुष शामिल है।जिनका दीक्षांत परेड समारोह आयोजित किया गया।दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डीजीपी राजविंदर सिंह भट्टी शामिल हुए।

और परेड की सलामी ली।इस अवसर पर अकादमी के प्राचार्य डीआईजी मोहम्मद अब्दुल्लाह ने प्रशिक्षु पुलिस पदाधिकारीयों को राष्ट्रीय ध्वज और अकादमी ध्वज के तले कर्तव्य और निष्ठा का शपथ दिलाया।इस अवसर पर डीजीपी राजविंदर सिंह भट्टी ने कहा कि आपने आज जो शपथ लिया है।इन बातों को ड्यूटी कार्यकाल में याद रखेंगे।और काम को करेंगे।

आज आप लोग पास आउट होकर यहां से निकल रहे हैं,आप बिहार पुलिस के एक लीडर के रूप में यहां से जा रहे हैं।डीजीपी ने कहा कि आप अपने आप को इस योग बनाएं कि हर समस्याओं का निदान कर सके,आप जब फील्ड में जाएंगे तो वहां से विपरीत चीजों को देखेंगे,लेकिन बुनियादी यही होगा,

उन्होंने कहा कि पुलिस का काम है आम नागरिकों को रक्षा करना और जानमाल की सुरक्षा प्रदान करना है। डीजीपी ने कहा कि आप लोगों को यहां उच्च स्तरीय ट्रेनिंग दिया गया है।जब आप फील्ड में जाएंगे तो बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा आपको थाना का भी संचालन करने का भी मौका मिलेगा।

डीजीपी ने कहा कि अब आपकी यात्रा शुरू हुई है। व्यक्ति की पर्सनैलिटी ईमानदारी सत्य निष्ठा पुलिस की बुनियाद होती है।अगर यह नहीं है तो सब बेकार है। आप नागरिक का रक्षक है अनुसंधान भी बहुत जरूरी है।पुलिस की नौकरी 24 घंटे होती है। आप हर चुनौतियों को सामना करने के लिए मुस्तैद रहेंगे।आप सेहत पर भी पूरी तरह से ध्यान देने देंगे।आप पूरी तरह से संतुलन बनाए रखेंगे। की समस्या एवं उसके तकलीफों को समझेंगे।

उनकी समस्याओं को निदान करेंगे उनको सही न्याय दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि देखा जाता है कि पुलिस की काफी आलोचना होती है कि पुलिस उनकी बातों को नहीं सुनता है। लोगों की इस धारणा को हमें खत्म करना है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कोर्स भी आप लोगों को कराई गई है ज्ञान नॉलेज से ही आप आगे बढ़ेंगे।बिहार काफी तेजी गति से आगे बढ़ रहा है और बिहार पुलिस भी बदल रहीं हैं। डीजीपी ने कहा कि 75000 बहाली की स्वीकृति राज्य सरकार के द्वारा दी गई है।और इसमें 25000 बहाली प्रत्येक वर्ष होगी।

उन्होंने कहा कि बिहार के सभी जिलों में साइबर थाना खोला जा रहा है और उसमें डीएसपी स्तर के पदाधिकारी की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम के निपटारा में बिहार पूरे देश भर में अव्वल है। ट्रैफिक व्यवस्था को ठीक करने के लिए सभी जिलों में ट्रैफिक थाना खोला जा रहा है और उसमें डीएसपी स्तर के पदाधिकारी की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बिहार में चार प्रशिक्षण केंद्र है।

और राज्य सरकार के द्वारा 22 प्रशिक्षण केंद्र और खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवा भी पूरे प्रदेश भर में पूरी तरह से लागू किया जा रहा है उन्होंने कहा कि 2024 तक बिहार के हर कोने में मात्र 20 मिनट में पुलिस पहुंचेगी।और 1500 नई गाड़ियां भी पुलिस के लिए खरीदा जा रहा है। एवं बिहार पुलिस को स्मार्टफोन एवं लैपटॉप भी दिया जाएगा ताकि बिहार पुलिस पूरी तरह से मॉडन पुलिस बन सके।

उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस को देशभर में नंबर वन बनाना है। पुलिस एक नई सोच लेकर आगे बढ़ रही है।डीजीपी ने कहा कि पूरे देश भर में बिहार इकलौता राज्य है जहां पुलिस में महिलाओं की संख्या अधिक है और बहाली भी की जा रही है। उन्होंने कहा जनता की अपेक्षा पुलिस से और काफी बढ़ गया है।उन्होंने कहा कि आपको पूरी निडर होकर एवं पूरी इमानदारी से न्याय करना है।


बिहार पुलिस अकादमी में प्रशिक्षु डीएसपी का हुआ दीक्षांत समारोह, डीजीपी हुए शामिल,उन्होंने कहा कि पर्सनैलिटी ईमानदारी सत्य निष्ठा पुलिस की बुनियाद है बिहार पुलिस अकादमी में प्रशिक्षु डीएसपी का हुआ दीक्षांत समारोह, डीजीपी हुए शामिल,उन्होंने कहा कि पर्सनैलिटी ईमानदारी सत्य निष्ठा पुलिस की बुनियाद है Reviewed by News Bihar Tak on November 24, 2023 Rating: 5

लोक आस्था का चार दिवसीय महा छठ पर्व विभिन्न घाट तालाबों में उदयमान भास्कर को अर्ध्य के साथ ही शांतिपूर्ण हुआ संपन्न

November 20, 2023


चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व छठ के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य भगवान को अर्घ्य देने के बाद सोमवार को उगते हुए सूर्य को छठव्रतियों ने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया।छठ के लिए 36 घंटे के कठिन उपवास खोला। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।

सुबह ठंड में भी छठव्रतधारियों का उत्साह देखते ही बना। व्रत रखने वालों ने अपने परिवार के साथ पवित्र जल में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया।छठ व्रत माताओं ने राजगीर के सूर्य कुंड बैतरणी घाट,हसनपुर तलाव, झुनकियां बाबा मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर लोगों ने छठ पूजा मे धार्मिक वातावरण का  लाभ लिया। वहीं प्रशासन की ओर से सभी घाटों पर छठ व्रती  की सेवा के लिए पुलिस बल की तैनाती गई थी।ताकि छठ व्रत माताओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो।

वहीं छठ व्रतियों के लिए टमटम चालक यूनियन के द्वारा राजगीर में चलने वाले टमटम और ई- रिक्शा चालकों ने निशुल्क सेवा भाव से घाटों तक पहुंचाने एवं लाने के लिए तत्पर रहे।वहीं टमटम चालक यूनियन के द्वारा छठ व्रतियों के बीच फल एवं शरवत वितरण किया गया।इस अवसर पर टमटम चालक यूनियन के अध्यक्ष अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यूनियन के सभी सदस्य आज एकजुट होकर छठ व्रतियों की सेवा में जुटे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि यूनियन के द्वारा छट व्रतियों के बीच फल और शरवत वितरण किया गया है।उन्होंने कहा कि यूनियन द्वारा राजगीर में चलने वाले टमटम और ई- रिक्शा चालकों ने निशुल्क सेवा भाव से घाटों तक पहुंचाने एवं लाने में बिल्कुल निशुल्क सेवा भाव में जूटे रहे।

लोक आस्था का चार दिवसीय महा छठ पर्व विभिन्न घाट तालाबों में उदयमान भास्कर को अर्ध्य के साथ ही शांतिपूर्ण हुआ संपन्न लोक आस्था का चार दिवसीय महा छठ पर्व विभिन्न घाट तालाबों में उदयमान भास्कर को अर्ध्य के साथ ही शांतिपूर्ण हुआ संपन्न Reviewed by News Bihar Tak on November 20, 2023 Rating: 5

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 23 नवंबर को राजगीर आएंगे,कला संस्कृत एवं युवा विभाग के द्वारा आयोजित पहली बार जरासंध महोत्सव का करेंगे उद्घाटन

November 18, 2023


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 23 नवंबर को राजगीर आएंगे।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजगीर पहुंचकर जरासंध मंदिर के पास कला संस्कृत एवं युवा विभाग के द्वारा आयोजित पहली बार जरासंध महोत्सव का उद्घाटन करेंगे।एवं  उसके बाद जरासंध स्मारक का शिलान्यास भी कर सकते हैं।जिसको लेकर वन विभाग के द्वारा जगह भी चिन्हित किया गया है।

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा संबंधित तैयारियां तेजी गति से पूरी की जा रही है।जरासंध मंदिर के पास जिला प्रशासन के द्वारा साफ सफाई विशेष रूप से कराई जा रही है एवं भवन निर्माण विभाग के द्वारा मंच भी बनाया जा रहा है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन को लेकर जिला अधिकारी शशांक शुभंकर सहित अन्य वरीय पदाधिकारी लगातार स्थल का निरीक्षण करके संबंधित पदाधिकारी को कई दिशा निर्देश दे रहे हैं।

पहली बार कला संस्कृत एवं युवा विभाग के द्वारा महोत्सवों के कैलेंडर में जरासंध महोत्सव को भी शामिल किया गया है।हालांकि कला संस्कृति एवं युवा विभाग के द्वारा पिछले महीने दोगी महोत्सव और इस महीने गोपाष्टमी महोत्सव भी राजगीर में आयोजन भी करा चुकी है।और यह दोनों महोत्सव भी कला संस्कृत एवं युवा विभाग के द्वारा महोत्सवों के कैलेंडर में भी शामिल हैं। 




मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 23 नवंबर को राजगीर आएंगे,कला संस्कृत एवं युवा विभाग के द्वारा आयोजित पहली बार जरासंध महोत्सव का करेंगे उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 23 नवंबर को राजगीर आएंगे,कला संस्कृत एवं युवा विभाग के द्वारा आयोजित पहली बार जरासंध महोत्सव का करेंगे उद्घाटन Reviewed by News Bihar Tak on November 18, 2023 Rating: 5

राजगीर में भूटानी मंदिर की ऊंची चोटी पर बने स्वर्ण शिखर का उद्घाटन किया गया,कार्यक्रम में भूटान सरकार के कई अधिकारी रहे उपस्थित

November 17, 2023


भारत और भुटान के राजनयिक संबंधों को 50 साल पूरा होने पर बिहार सरकार के सहयोग से भुटान सरकार के द्वारा राजगीर में पहला भूटानी मंदिर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।वहीं भूटान सरकार के द्वारा मंदिर के सबसे ऊंची चोटी पर बनाए गए बौद्ध धर्म के अनुसार स्वर्ण शिखर बनाया गया है।

जिसको पूरे बौद्ध परंपराओं के अनुसार उद्घाटन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भूटान के कोलकाता दूतावास कंसलटेंट जनरल तसी पिंजोर शामिल हुए।साथ ही भूटान के कई वरीय अधिकारी भी शामिल हुए।इस अवसर पर रॉयल भूटान बौद्ध मंदिर बोधगया के चीफ लामा उगेन पिंजोर के नेतृत्व में बौद्ध भिक्षुओं भूटान क संस्कृति और परंपराओं के बिच पुजा अर्चना किया।घंटो मंत्रोच्चारण के बीच भगवान बुद्ध को नमन किया गया है। उसके बाद पूरे बौद्ध परंपराओं के अनुसार उद्घाटन किया गया।वहीं मंदिर को देखने के लिए बहुत जल्द ही भूटान के प्रधानमंत्री और वहां के राजा भी जल्द राजगीर आएंगे।

इस अवसर पर भूटान के कोलकाता दूतावास कंसलटेंट जनरल तसी पिंजोर ने कहा भूटान सरकार के द्वारा यह मंदिर का निर्माण कार्य बहुत तेजी गति से पूरा किया जा रहा है।और यह मंदिर बहुत जल्द ही पूर्ण रूप से बनकर तैयार हो जाएगा।उन्होंने कहा कि भारत और भुटटान के राजनयिक संबंधों को 50 साल पूरा होने पर बिहार सरकार के सहयोग से भुटान सरकार राजगीर में पहला भूटानी मंदिर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।और आज मंदिर के सबसे ऊंची चोटी पर बनाए गए बौद्ध धर्म के अनुसार स्वर्ण शिखर ( सरटोग) बनाया गया है।जिसको पूरे बौद्ध परंपराओं के अनुसार उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा की भगवान बुद्ध के संदेशों को अपनाकर आज भूटान देश चल रहा है।

उन्होंने कहा कि बुद्ध दर्शन के मुख्‍य तत्व चार आर्य सत्य,आष्टांगिक मार्ग, प्रतीत्यसमुत्पाद, अव्याकृत प्रश्नों पर बुद्ध का मौन,बुद्ध कथाएँ, अनात्मवाद और निर्वाण बुद्ध ने अपने उपदेश पालि भाषा में दिए, जो त्रिपिटकों में संकलित हैं। त्रिपिटकों का एक भाग है धम्मपद।प्रत्येक व्यक्ति को तथागत बुद्ध के बारे में जानना चाहिए।जीवन में हजारों लड़ाइयां जीतने से अच्छा है कि तुम स्वयं पर विजय प्राप्त कर लो। फिर जीत हमेशा तुम्हारी होगी, इसे तुमसे कोई नहीं छीन सकता। उन्होंने कहा कि किसी भी हालात में तीन चीजें कभी भी छुपी नहीं रह सकती, वो है। सूर्य, चन्द्रमा और सत्य।जीवन में किसी उद्देश्य या लक्ष्य तक पहुंचने से ज्यादा महत्वपूर्ण उस यात्रा को अच्छे से संपन्न करना होता है।

बुराई से बुराई कभी खत्म नहीं होती। घृणा को तो केवल प्रेम द्वारा ही समाप्त किया जा सकता है।यह एक अटूट सत्य है।सत्य के मार्ग पर चलते हुए व्यक्ति केवल दो ही गलतियां कर सकता है,


पहली या तो पूरा रास्ता न तय करना, दूसरी या फिर शुरुआत ही न करना।जिस तरह एक जलते हुए दीये से हजारों दीपक रोशन किए जा सकते है, फिर भी उस दीये की रोशनी कम नहीं होती, उसी तरह खुशियां बांटने से हमेशा बढ़ती है, कभी कम नहीं होती। उन्होंने कहा जीवन में आप चाहें जितनी अच्छी-अच्छी किताबें पढ़ लो, कितने भी अच्छे शब्द सुनो, लेकिन जब तक आप उनको अपने जीवन में नहीं अपनाते तब तक उसका कोई फायदा नहीं होगा।हमेशा क्रोधित रहना, जलते हुए कोयले को किसी दूसरे व्यक्ति पर फेंकने की इच्छा से पकड़ रखने के समान है।

यह क्रोध सबसे पहले आपको ही जलाता है।क्रोध में हजारों शब्दों को गलत बोलने से अच्छा, मौन वह एक शब्द है जो जीवन में शांति लाता है। इस अवसर पर चीफ लामा उगेन पिंजोर ने कहा कि जिन्हें मनुष्य ने अपने अज्ञान, ग़लत ज्ञान या मिथ्या दृष्टियों से पैदा कर लिया हैं उन दुखों का निराकरण सही ज्ञान द्वारा ही किया जा सकता है।गौतम बुद्ध स्वयं कहीं प्रतिबद्ध नहीं हुए और न ही अपने शिष्यों को उन्होंने कहीं बांधा। उन्होंने कहा है कि मेरी बात को इसलिए चुपचाप न मानो उसे मैंने यानी बुद्ध ने कहा है। उस पर भी सन्देह करो और विविध परीक्षाओं द्वारा उसकी परीक्षा करो।

जीवन की कसौटी पर उन्हें परखो, अपने अनुभवों से मिलान करो, यदि तुम्हें सही जान पड़े तो स्वीकार करो, अन्यथा छोड़ दो। यही कारण था कि बौद्ध धर्म इस धर्म के मानने वाले अनुयाइयों को रहस्य से मुक्त, मानवीय संवेदनाओं को सीधे स्पर्श करता था।उन्होंने कहा भगवान बुद्ध ने लोगों को मध्यम मार्ग का उपदेश दिया। उन्होंने दुःख, उसके कारण और निवारण के लिए अष्टांगिक मार्ग सुझाया। उन्होंने अहिंसा पर बहुत जोर दिया है। उन्होंने कहा कि जीवन में पूर्णता प्राप्त करना। निर्वाण प्राप्त करना। तृष्णा का त्याग करना। यह मानना कि सभी संस्कार अनित्य है। कर्म को मानव के नैतिक संस्थान का आधार मानना गौतम बुद्ध के अनुसार धम्म है।परा-प्रकृति में विश्वास करना।आत्मा में विश्वास करना कल्पना- आधारित विश्वास मानना। धर्म की पुस्तकों का वाचन करना बुद्ध के अनुसार अ धम्म माना यही गौतम बुद्ध के अनुसार अ धम्म है।जो धम्म प्रज्ञा की वृद्धि करे। जो धम्म सबके लिए ज्ञान के द्वार खोल दे। जो धम्म यह बताए कि केवल विद्वान होना पर्याप्त नहीं है।जो धम्म यह बताए कि आवश्यकता प्रज्ञा प्राप्त करना है।

यही बुद्ध के अनुसार सद्धम्म है।इस अवसर पर मुखू बौद्ध भिक्षु कर्मा दोरजी ने कहा कि एक साल के अंदर यह यह मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा।आज पूरे बौद्ध परंपराओं के अनुसार यह कार्यक्रम संपन्न कराया गया है।उन्होंने कहा कि यह मंदिर को देखने के लिए जल्द ही भूटान के प्रधानमंत्री एवं वहां के राजा भी आएंगे।यह मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भूटान से काफी संख्या में बौद्ध धर्मावलंबी प्रतिदिन काफी संख्या यहां पहुंचेंगे।इस अवसर पर प्रोजेक्ट डायरेक्टर किनले ग्येलट्शेन ने कहा कि भारत और भूटान के साझा सांस्कृतिक मूल्यों की एक भौतिक अभिव्यक्ति है।जो इन दोनों देशों को बांधे हुए है।

उन्होंने बताया कि इस मंदिर का शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 11 नवंबर 2018 को किया था। कहा कि इस मंदिर में बैठकर काफी संख्या में बैठकर बौद्ध भिक्षु पुजा अर्चना करेंगे। उन्होंने बताया कि इस मंदिर की ऊंचाई 70 फीट होगी। उन्होंने कहा यहां बौद्ध बौद्ध भिक्षुओं के रहने के लिए भी भवन का भी निर्माण कार्य तेजी गति से पुरा किया जा रहा है।

राजगीर में भूटानी मंदिर की ऊंची चोटी पर बने स्वर्ण शिखर का उद्घाटन किया गया,कार्यक्रम में भूटान सरकार के कई अधिकारी रहे उपस्थित राजगीर में भूटानी मंदिर की ऊंची चोटी पर बने स्वर्ण शिखर का उद्घाटन किया गया,कार्यक्रम में भूटान सरकार के कई अधिकारी रहे उपस्थित Reviewed by News Bihar Tak on November 17, 2023 Rating: 5

Subscribe Us

Powered by Blogger.