दिन में पढ़ाई रात में लूट करने वाले राजगीर से चार गिरफ्तार,देसी पिस्टल व जिंदा कारतूस भी बरामद,डीएसपी प्रदीप कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किया उद्भेदन

February 19, 2023


डीएसपी प्रदीप कुमार ने राजगीर थाने में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कई लूटपाट की घटना को उद्भेदन किया है।डीएसपी प्रदीप कुमार ने बताया कि गिरियक,दीपनगर, मनियामा रोड में गिरियक पावापुरी,सिलाव, राजगीर थाना क्षेत्र इलाकों में हो रहे लुटपाट की घटना को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नालंदा के निर्देश पर एक टीम का गठन किया गया।

और लुटपाट करने वाले अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे छापामारी अभियान में गुप्त सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष राजगीर मुस्ताक अहमद के द्वारा संध्या गश्ती दल के साथ बेलौर गांव स्थित लेदही पुल के पास से चार विधि-विरूद्ध बालक जो लुट का सामान बेचने एवं आपस में बाँटने के लिए जमा हुए थे। जिसे पुलिस ने गुप्त सूचना पर गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान पुलिस ने लुट का 2 मोटरसाईकिल, 4 मोबाईल फोन, 4100 नगद, एक लोडेड देशी कट्टा, 03 जिंदा कारतुस के साथ रंगे हाथ पकड़कर निरूद्ध किया गया। निरुद्ध बालक के निशान देही पर गिरियक के रैयतर गाँव से लूटा हुआ लैपटॉप, चार्जर और लुट के घटना में इस्तेमाल करने वाले एक मोटरसाईकिल बरामद किया गया।

पुछताछ के कम में निरुद्ध विधि-विरुद्ध बालक के द्वारा बताया गया कि रैतर के दो और नवादा के दो दोस्तों के साथ मिलकर चार बालकों का एक गैंग बनाकर गिरियक दीपनगर मनियामा रोड में सुनसान जगह पर आने-जाने वाली यात्रियों से पकड़ाये हुए हथियार का भय दिखाकर पैसा, मोबाईल, मोटरसाईकिल की लूट-पाट करते थे। सभी निरुद्ध बालक, इण्टर के छात्र हैं।

सभी बिहारशरीफ के कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं।बरामद सामानों में एक देसी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस,राजगीर थाना क्षेत्र से लुटा हुआ पैसा-4100 रूपया,सिलाव एवं राजगीर थाना क्षेत्र से लुटा हुआ मोटरसाईकिल 2,पावापुरी, सिलाव एवं राजगीर थाना क्षेत्र से लुटा हुआ मोबाईल 4,अन्य मोबाईल फोन 5,लुट की घटना में प्रयुक्त मोटरसाईकिल 1,सिलाव थाना क्षेत्र से लुटा हुआ लैपटॉप एवं चार्जर 1,सिलाव थाना क्षेत्र से लुटा हुआ लैपटॉप का बैग 1 लोहे का फाईटर 1 शामिल है,

छापामारी दल में शामिल  मोहम्मद मुस्ताक अहमद थाना प्रभारी राजगीर,पु.अ.नि आलोक कुमार जिला आसूचना इकाई, थानाध्यक्ष पावापुरी रविन्द्र कुमार,थानाध्यक्ष सिलाव राकेश कुमार,पु.अ. नि ज्ञान रंजन,पु.अ.नि चंद्रोदय प्रकाश,पु.अ.नि प्रभाकर कुमार झा, डी0ए0पी0 सि0 शकील अंसारी, राजा कुमार, दिवान दानिश खॉ, संदीपक कुमार,अशोक कुमार गुप्ता एवं एवं डी०आयू० टीम शामिल थे।

दिन में पढ़ाई रात में लूट करने वाले राजगीर से चार गिरफ्तार,देसी पिस्टल व जिंदा कारतूस भी बरामद,डीएसपी प्रदीप कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किया उद्भेदन दिन में पढ़ाई रात में लूट करने वाले राजगीर से चार गिरफ्तार,देसी पिस्टल व जिंदा कारतूस भी बरामद,डीएसपी प्रदीप कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किया उद्भेदन Reviewed by News Bihar Tak on February 19, 2023 Rating: 5

राजगीर में 20 वें तीर्थंकर भगवान श्री मुनीसुव्रत स्वामी जी का तीन दिवसीय केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव हुआ शुरू,कई राज्यों से काफी संख्या में पहुंचे जैन श्रद्धालु

February 17, 2023


श्री जैन श्वेतांबर कोठी राजगीर स्थित नौलखा मंदिर में 20 वें तीर्थंकर भगवान श्री मुनीसुव्रत स्वामी जी का तीन दिवसीय केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव का भव्य शुरुआत हो गया है।

जिसमें देश के महाराष्ट्र गुजरात, पटना, झारखंड ,दिल्ली, राजस्थान,मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से जैन श्रद्धालु जैन श्रद्धालु पहुंचे हैं।इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।आज केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव की शुरुआत तीर्थंकर भगवान श्री मुनीसुव्रत स्वामी की अर्हत महा अभिषेक से पूजा की गई।जिसमें 24 प्रकार के द्रव्य से प्रभु का अभिषेक किया गया।एवं मन्दिर जी में अठारह पाप स्थानक पूजा का आयोजन धूमधाम से किया गया और पूरे मन्दिर परिसर को फुलों से सजाया गया है तथा भगवान की सुन्दर ऑगी भी की गई।भगवान श्री मुनीसुव्रत स्वामी जी की जयकारों से पूरा मंदिर गूंज उठा।

इस अवसर पर मुनि दादा कल्याणक मंडल मुंबई के कोमल भाई मेहता ने कहा यहाँ के कण कण में प्रभु ने विचरण किया है।ऐसी पवित्र भूमि की यात्रा भाग्यशालियों को ही मिलती है।हम अपने को धन्य समझते हैं कि हमें कल्याणक भूमि में उपस्थित होकर प्रभु की आराधना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राजगीर एक अति पवन कल्याण तीर्थ भूमि है। हम सबों को इन प्राचीन कल्याणक भूमि की यात्रा जीवन में अवश्य करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि राजगीर हमें अपना घर जैसा लगता है यहां आकर हमें अत्यंत ही धार्मिक वातावरण का अनुभव होता है यहां कन कन में प्रभु विराजमान है ऐसा प्रतीत होता है।उन्होने कहा की जैन धर्म के अनुसार वत्थु सहावो धम्मो अर्थात् वस्तु का स्वभाव ही धर्म है।प्रत्येक वस्तु का कोई न कोई स्वभाव होता है।जैसे अग्नि का स्वभाव उष्णता है और जल का स्वभाव शीतलता है।प्रत्येक वस्तु अपने मूल स्वभाव को कभी नहीं छोड़ती है।अन्य वस्तु का संयोग पाकर स्वभाव में परिवर्तन हो जाता है।जब यह संयोग नहीं रहता है तो वह वस्तु अपने मूल स्वभाव में लौट आती है।जैसे पानी का स्वभाव शीतल है।यदि इसे अग्नि का संयोग प्राप्त हो जावे तो इसके स्वभाव में परिवर्तन हो जाता है।

अर्थात् गर्म हो जाता है और जब संयोग समाप्त हो जाता है,तो पानी अपने मूल स्वभाव शीतलता में लौट आता है।इसी प्रकार आत्मा का स्वभाव ज्ञाता-दृष्टा है व मूल में शुद्ध है, मगर कर्मों के संयोग से यह अशुद्ध होकर संसार में भ्रमण कर रही है।जब कर्मों का संयोग समाप्त हो जावेगा तो यह आत्मा अपने मूल स्वभाव अर्थात् शुद्धता को प्राप्त कर लेगी और सिद्धालय में विराजमान हो जावेगी।उन्होने कहा की चारित्र को भी धर्म कहा गया है। चारित्र को निश्चय से धर्म कहा है क्योंकि चारित्र धारण किये बिना आत्मा से बद्ध पुद्गल कर्मों की निर्जरा सम्भव नहीं है।

चारित्र भाव से क्रियात्मक होना चाहिए अर्थात् शुद्ध भाव पूर्वक आचरण में महाव्रत रूप लेना आवश्यक है। इस अवसर पर संस्था के मंत्री रंजन कुमार जैन ने कहा कि तीर्थकर परमात्मा के चरण जहाँ पड़े ऐसी पवित्र नगरी राजगीर तीर्थ में आये हुये तीर्थयात्रियों का स्वागत कर हम काफी आनन्दित महसुस करते हैं यह हमारे लिये सौभाग्य की बात है।भगवान के चार कल्याणक च्यवन, जन्म, दीक्षा एवं केवलज्ञान इसी पवित्र भूमि पर हुये हैं। इस अवसर पर संस्था के ट्रस्टी राजकुमार जैन ने कहा कि कल्याणक पूजा के माध्यम से समस्त समाज में एक अच्छा संदेश जाता है।सभी श्रद्धालु सौभाग्यशाली है कि जिन्हें इस आयोजन में सम्मिलित होने का मौका मिला है।

इस अवसर पर संस्था के सहायक प्रबंधक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि कल्याणक पूजा का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है इससे हम सबों में एक नई उर्जा का संचालन होता है। भगवान की आराधना करने से हमें काफी सुकुन मिलता है। इस अवसर पर संस्था के कैशियर संजीव कुमार जैन ने कहा कि नौलखा मन्दिर का निर्माण राजस्थान के कुशल कारीगरों को द्वारा किया गया है।इसका निर्माण सन 1954 में प्रारंभ किया गया था इस मन्दिर जी में प्रभु की प्रतिष्ठा सन 1961 में हुई है।भगवान श्री मुनिसुब्रत स्वामी भगवान श्री राम के समकालीन थे।प्रतिवर्ष लाखों तीर्थयात्री इस तीर्थ की यात्रा करने पधारते हैं। इस मन्दिर जी की विशेषता है कि इसमें कहीं भी लोहे का इस्तेमाल नहीं किया गया है।इस अवसर पर सुप्रसिद्ध संगीतकार निपुन मेहता ने अपने भजनों के कार्यक्रमों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

उन्होंने एक से बढ़कर एक अपनी मखमली आवाज उसे भजनों की प्रस्तुति दी।इस अवसर पर समीर मेहता,जिमी मेहता,राजु भाई,परेश संघवी, दीपेश मोरखीया,हनीष संघवी, संजीव कुमार जैन, विजय भाई, रमेश भूरा,नीलेश मोरखिया,निपुन मेहता,सुशील कुमार जैन,मधु बेन,डौली जैन, अर्चना जैन, अनीता बोथरा, प्रेमलता बेन, पुनम बेन,प्रिया बेन,वैशाली बेन,गीता बेन,सुखराज जैन, मोनू सुचन्ती,सत्येन्द्र कुमार,रेखा जैन,कंचन जैन,सुषमा पाण्डेय,रूपा जैन,परी जैन सहित अन्य लोग उपस्थित थे।











 

राजगीर में 20 वें तीर्थंकर भगवान श्री मुनीसुव्रत स्वामी जी का तीन दिवसीय केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव हुआ शुरू,कई राज्यों से काफी संख्या में पहुंचे जैन श्रद्धालु राजगीर में 20 वें तीर्थंकर भगवान श्री मुनीसुव्रत स्वामी जी का तीन दिवसीय केवल ज्ञान कल्याणक महोत्सव हुआ शुरू,कई राज्यों से काफी संख्या में पहुंचे जैन श्रद्धालु Reviewed by News Bihar Tak on February 17, 2023 Rating: 5

राजगीर प्राकृतिक आरोग्याश्रम में जांच एवं इलाज प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के द्वारा आयोजन किया गया,संचालक उमेश कुमार ने कहा :प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करके प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति का जन्म हुआ

February 16, 2023


राजगीर प्राकृतिक आरोग्याश्रम में जांच एवं इलाज प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के द्वारा आयोजन किया गया।जिसका उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यात्म सलाहकार डॉ सुख नारायण भैया,प्राकृतिक आरोग्याश्रम के संचालक उमेश कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।मौके पर सैकड़ों लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से जांच एवं इलाज किया गया।लोगों को निरोग होने के लिए मौके पर कई सलाह दिया जाए।इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यात्म सलाहकार डॉ सुख नारायण भैया ने कहा कि हवन चिकित्सा एवं नेचरोपैथी चिकित्सा बहुत ही सटीक व सरल चिकित्सा विधि है,जिससे मानव जीवन को प्रभावित करने वाले दूषित वायु जो मनुष्य के स्वास के माध्यम से शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों से घेरे रहता है,उसे वन औषधियों को जलाकर हवन के धुओं को स्वॉस से खींचवाये जाते है।हवन चिकित्सा-विधि रोगी को तत्काल स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन जीने के कारगर उपाय है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा मुख्य रूप से विजातीय तत्वों के शरीर मे संचय होने, रक्त की अशुद्धि एवं शरीर मे जीवनीय शक्ति की कमी होने को रोगों का मुख्य कारण मानती है। प्राकृतिक चिकित्सा मे आहार को ही औषधि माना गया है, इसीलिए आहार के विभिन्न प्रकार और उपयोग का विस्तृत वर्णन प्राकृतिक चिकित्सा मे मिलता है।

इस अवसर पर इस अवसर पर प्राकृतिक आरोग्याश्रम के संचालक उमेश कुमार ने कहा कि मानव सेवा करते हुए हमें खुशी मिलती है, उन्होंने कहा कि यह संस्थान 60 वर्षों से लोगों को सेवा प्रदान कर रहा है।उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।प्राकृतिक रहन-सहन एवं खान-पान का प्रयोग करते हुए स्वस्थ रहना या बीमार होने पर प्रकृति द्वारा दिये गये तत्वों का प्रयोग करके निरोग हो जाना ही प्राकृतिक चिकित्सा है। इसी क्रम मे विभिन्न प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करके प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति का जन्म हुआ।सर्वप्रथम एक साधारण किसान विनसेंट प्रिसनिज ने 18वीं शताब्दी मे जल का उपयोग करके प्राकृतिक चिकित्सा को प्रारंभ किया।

उन्होंने कहा कि योग,नेचुरोपेथी, योग, आयुर्वेदिक विधि स्थित एवं राजगीर गरम जलधारा नये-पुराने रोगों का इलाज, जैसे- गैस्ट्रिक,त्वचा, कैंसर, बवासीर, सुगर,मोटापा, लकवा,मुहाँसा, ह्रदय रोग, गठिया वात व्याधि इत्यादि अन्य सभी प्रकार के पुरुष एवं स्त्री रोगों का रोग से मुक्ति मिल सकती है, इस अवसर पर रामप्रवेश दास, ने मौके पर कई गंभीर बीमारियों का उचित इलाज के बारे में विस्तार से बताया।





राजगीर प्राकृतिक आरोग्याश्रम में जांच एवं इलाज प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के द्वारा आयोजन किया गया,संचालक उमेश कुमार ने कहा :प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करके प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति का जन्म हुआ राजगीर प्राकृतिक आरोग्याश्रम में जांच एवं इलाज प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के द्वारा आयोजन किया गया,संचालक उमेश कुमार ने कहा :प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करके प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति का जन्म हुआ Reviewed by News Bihar Tak on February 16, 2023 Rating: 5

प्रजापति समाज के लोगों ने संतराम बी.ए की जयंती बड़े धूम धाम से राजगीर में मनाया,अध्यक्ष संजीव कुमार बिट्टू ने कहा: हम लोगों को उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज और देश की सेवा करनी चाहिए

February 15, 2023


बिहार कुमार प्रजापति समन्वय राजगीर समिति के बैनर तले कुम्हार समाज में जन्में  प्रसिद्ध पत्रकार महान साहित्यकार एवं कलम के जरिए बहुत जनों में क्रांति चेतना भरने वाले महापुरुष संतराम बीए की जयंती राम हरिपिंड रोड राजगीर में मनाई गई।जिसमें समिति के जिला कोषाध्यक्ष राजीव रंजन कुमार ने संतराम बीए के जीवन पर प्रकाश डाला ।और बताया कि संतराम बीए प्रजापति कुम्हार समाज में समय समय में ऐसी महान विभूतियों ने जन्म लिया है। जिन्होंने न केवल समाज बल्कि देश का भी नाम रोशन किया है।

उन्हीं में से एक हैं संतराम बीए जिन्होंने देश की विषमता भरी जाति व्यवस्था रूढ़िवादिता, पाखंडवाद ,अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाई जाति और  वर्ग विहीन समाज के निर्माण के लिए अपनी कलम चलाई संतराम बीए ने 100 से अधिक पुस्तके लिखी तथा कई पत्र-पत्रिकाओं के संपादक रहे संतराम बीए का जन्म पंजाब के होशियारपुर के बस्ती गांव में 14 फरवरी 1887 में कुम्हार  समाज में हुआ इनके प्रारंभिक शिक्षा बजवाड़ा के हाई स्कूल में हुई ।इसके बाद 1909 में इन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज लाहौर से बी.ए. किया इनके समय में बी.ए.पास करना बहुत बड़ी बात हुआ करती थी ।इसलिए लोगों ने इन्हें संतराम बीए कहना प्रारंभ कर दिया। तभी से इनका नाम संतराम बीए हो गया ।संतराम बीए ने अपने नाम के साथ कभी जाति का उल्लेख नहीं किया। क्योंकि वह देश में व्याप्त वर्ग व्यवस्था के खिलाफ थे।

वहीं बिहार कुमहार( प्रजापति) समिति के मगध प्रमंडल अध्यक्ष संजीव कुमार बिट्टू कहा की संतराम बी. ए.  विद्यार्थी जीवन से ही समाज सेवा के कार्यों में रुचि रखा करते थे ।आगे जाकर स्वामी दयानंद सरस्वती और श्रद्धानंद के विचारों से काफी प्रभावित हुए ।और आर्य समाजी हो गए इसके बाद भी परमानंद के संपर्क में आए फिर दोनों ने मिलकर 1922 में "जाती पाती तोडो मंडल" की स्थापना की ।जिसके प्रधान परमानंद को बनाया गया तथा संतराम  सचिव बने धीरे-धीरे "जाती पाती तोड़क मंडल "का दायरा बढ़ने लगा ।और पंजाब की सीमाओं को पार करते हुए देशभर में इसकी शाखाएं खोलने लगी ।मंडल के प्रयासों से सैकड़ों अंतरजातीय विवाह होने लगे ।इनके चलते इन्हें कई प्रकार के विरोध का भी सामना करना पड़ा। मंडल के प्रयासों के चलते बहुत सारे लोगों ने शिकायत का सामना करना पड़ा मंडल के तत्वाधान में 1936 में वार्षिक अधिवेशन का आयोजन रखा गया ।अध्यक्षीय भाषण के लिए डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को लाहौर बुलाया गया था। जिसमें सहमति नहीं बनने के कारण अधिवेशन निरस्त कर

दिया गया ।संतराम बीए के द्वारा 1948 में लिखी गई किताब" हमारा समाज "काफी चर्चित रहा , इससे उन्होंने हिंदू समाज में हलचल मचा दी थी। इसमें कई ऐतिहासिक घटनाओं के माध्यम से हिंदू समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता कट पर कटाक्ष किया है ।संतराम के द्वारा लिखे जाने वाले लेख उस समय की सभी पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते थे। वहीं पर जिला अध्यक्ष मोतीचंद ने बताया कि संतराम बीए उर्दू में भी स्वयं की पत्रिका निकाली थी। जिसका नाम क्रांति था। इसके अलावा उन्होंने कई पत्र-पत्रिकाओं का संपादन भी किया।जिसमें जालंधर महाविद्यालय के मुख्य पत्रिका भारतीय तथा विशंभर आनंद वैदिक संस्थान की पत्रिका विश्व ज्योतिष शामिल है।संतराम बीएफ 31 मई 1988 को अपनी बेटी गार्गी चड्डा के यहां अंतिम सांस ली।

इसके बाद हमारे पूर्व सचिव सुनील कुमार ने बताया कि इनके आदर्शो को अपनाकर हम अपने समाज में एक नई क्रांति ला सकते हैं। इस अवसर पर पूर्व जिला उपाध्यक्ष सुबोध पंडित,सुजीत पंडित, सरपंच सुरेंद्र पंडित, रामप्रवेश पंडित, सरपंच गनौरी पंडित, प्रमोद पंडित, नीरज कुमार, मिथुन कुमार,गुड्डू कुमार, सुनील कुमार, रवि प्रकाश, संतोष सर,राजेंद्र पंडित, अनिल कुमार प्रजापति,धनंजय कुमार, बबलू पंडित, राजीव प्रजापति सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

प्रजापति समाज के लोगों ने संतराम बी.ए की जयंती बड़े धूम धाम से राजगीर में मनाया,अध्यक्ष संजीव कुमार बिट्टू ने कहा: हम लोगों को उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज और देश की सेवा करनी चाहिए प्रजापति समाज के लोगों ने संतराम बी.ए की जयंती बड़े धूम धाम से राजगीर में मनाया,अध्यक्ष संजीव कुमार बिट्टू ने कहा: हम लोगों को उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज और देश की सेवा करनी चाहिए Reviewed by News Bihar Tak on February 15, 2023 Rating: 5

राजगीर के गांधी आश्रम के प्रांगण में संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई,पुरे परंपरागत तरीके से की गई पूजा अर्चना

February 06, 2023


राजगीर के गांधी आश्रम के प्रांगण में संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई।इस अवसर पर पुरे परंपरागत तरीके से पूजा अर्चना किया गया।उसके बाद गांधी आश्रम से संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का गाजे-बाजे एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर विधायक कौशल किशोर ने झंडी दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया। इस अवसर पर विधायक कौशल किशोर ने कहा कि संत भगवान का रूप होते हैं संत से दर्शन करते हैं तो साक्षात ईश्वर से आप दर्शन प्राप्त करते हैं।

उन्होंने कहा कि गुरु रविदास ने अंधविश्वास पर  कठोर बार किया था और उनकी एक प्रचलित शव्द था। मन चंगा तो, कठौत में गंगा।वह उन महान सन्तों में अग्रणी थे जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान किया। इनकी रचनाओं की विशेषता लोक-वाणी का अद्भुत प्रयोग रही है जिससे जनमानस पर इनका अमिट प्रभाव पड़ता है।डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जागृति मंच के अध्यक्ष गणेश गौतम ने कहा कि मधुर एवं सहज संत शिरोमणि रैदास की वाणी ज्ञानाश्रयी होते हुए भी ज्ञानाश्रयी एवं प्रेमाश्रयी शाखाओं के मध्य सेतु की तरह है।प्राचीनकाल से ही भारत में विभिन्न धर्मों तथा मतों के अनुयायी निवास करते रहे हैं।

इन सबमें मेल-जोल और भाईचारा बढ़ाने के लिए सन्तों ने समय-समय पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे सन्तों में शिरोमणि रैदास का नाम अग्रगण्य है।इनकी याद में माघ पूर्ण को रविदास जयंती मनाई जाती हैं।उन्होंने कहा कि  संत रविदास की गणना केवल भारत में ही नहीं अपितु विश्व के महान संतों में की जाती है।जिन्हें संत शिरोमणि गुरु रविदास से नवाजा गया है। संत रविदास की वाणी के अनुवाद संसार की विभिन्न भाषाओं में पाए जाते हैं,

जिसका मूल कारण यह है कि संत रविदास उस समाज से सम्बद्ध थे, जो उस समय बौद्धिकता और ज्ञान के नाम से पूर्णतः अछूता था। समय जहाँ विविध प्रकार की समस्याओं को लेकर आता है वहीं समाधान भी अपने आगोश में छिपाए रहता है। परंतु महान व्यक्तित्व समय की परिधि को लाँघकर अपने बाद के हजारों वर्षों बाद तक प्रेरणा प्रदान करते रहते हैं। वे ऐसे कार्य की शुरुआत करते हैं जिनका मूल्य समय के क्रूर प्रहारों से कम नहीं हो सकता।ऐसे संत रविदासजी की जयंती, जो पूरे विश्व में मनाई जाती है।

इस अवसर पर मंजीत कुमार, प्रशांत कुमार, करन कुमार, मनीष कुमार, रवि कुमार, निरंजन कुमार, राजेश कुमार, जिमी सक्सेना,अरविंद कुमार, मिथुन कुमार, भरत कुमार, उमेश कुमार, कुणाल कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, दीपक कुमार, सचिन कुमार, अमरेन्द्र कुमार, सहदेव चौधरी, अमर कुमार,ज्वाला कुमार, संजय कुमार,श्याम किशोर भारती, डॉक्टर सुख नारायण प्रसाद ,मनोहर कुमार चौधरी,अनुज कुमार चौधरी,आशुतोष कुमार पांडे ,निरंजन कुमार,, छोटे लाल दास,सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

राजगीर के गांधी आश्रम के प्रांगण में संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई,पुरे परंपरागत तरीके से की गई पूजा अर्चना राजगीर के गांधी आश्रम के प्रांगण में संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई,पुरे परंपरागत तरीके से की गई पूजा अर्चना Reviewed by News Bihar Tak on February 06, 2023 Rating: 5

स्वतंत्रता सेनानी बाबू जगलाल चौधरी का पुण्यतिथि राजगीर में मनाई गई,लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया

February 06, 2023


स्वतंत्रता सेनानी बाबू जगलाल चौधरी का पुण्यतिथि  राजगीर में मनाया गया।वंही उनकी स्थापित प्रतिमा पर लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक और पासी समाज राजगीर के अध्यक्ष मनोहर कुमार चौधरी ने कहा कि जगलाल चौधरी ने  सर्वसमाज की बहुमुखी सेवा की है।वे राजनीतिक, सामाजिक एवम आध्यात्मिक नेता रहे हैं।

उन्होने अपना पूरा जीवन राष्ट्रभक्ति व समाज की सेवा में बिता दिया।इस अवसर पर पूर्व मुखिया अनुज कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार के गांधी नाम से चर्चित स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व मंत्री जगलाल चौधरी एक प्रखर समाज सुधारक थे।उन्होने महिलाओ के अधिकारों, दलितों की मुक्ति, शिक्षा और बिहार में भूमि सुधार के लिए जाने जाते हैं।बताया कि उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज और देश की सेवा करनी चाहिए।

इस अवसर पर समाजसेवी बालदेव चौधरी ,गणेश गौतम,श्याम किशोर भारती,मनोहर कुमार चौधरी,अनुज कुमार,डाक्टर सुख नारायण प्रसाद,निरंजन कुमार,छोटे पासवान,श्रवण यादव सुरेश चौधरी,पप्पू चौधरी, निर्मला चौधरी,मनोरमा रानी, भूषण चौधरी, सुनील प्रकाश आर्य,लव चौधरी,राज रंजन चौधरी, मुन्ना चौधरी,शैलेंद्र चौधरी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।   

स्वतंत्रता सेनानी बाबू जगलाल चौधरी का पुण्यतिथि राजगीर में मनाई गई,लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया स्वतंत्रता सेनानी बाबू जगलाल चौधरी का पुण्यतिथि  राजगीर में मनाई गई,लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया Reviewed by News Bihar Tak on February 06, 2023 Rating: 5

जदयू के द्वारा राजगीर में शहीद जगदेव प्रसाद की जयंती समारोह मनाया गया,ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा:जगदेव प्रसाद के सपनों को नीतीश कुमार ही जमीन पर उतार रहे हैं

February 03, 2023


जदयू के द्वारा राजगीर में शहीद जगदेव प्रसाद की जयंती समारोह मनाया गया,इस मौके पर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने शहीद जगदेव प्रसाद की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।इस अवसर पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद जी के बताए रास्ते पर चलकर हम लोगों को समाज और देश की सेवा करनी चाहिए।आज जगदेव प्रसाद के सपनों को नीतीश कुमार ही जमीन पर उतार रहे हैं।मंत्री ने कहा कि जो जगदेव प्रसाद जी सोचते थे।

वह काम आज हमलोग कर रहे हैं।सात निश्चय योजना के तहत आज गांव को स्मार्ट बनाया जा रहा है।आज गांव में लोगों को हर सुख सुविधा मिल रही हैं।जो भी कुछ काम बचा है उसे भी तेज गति से सरकार के द्वारा पूरा किया जा रहा है।पहले गांव में लोग रहना नहीं चाहते थे।पहले शहर की आबादी बढ़ रहा था,और गांव की आबादी घट रही थी।और आज इस तरह की बात गांव में नहीं है,आज गांव में सभी सुविधाएं लोगों को मिल रहा है, आज महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर स्तर पर काम कर रही है।

आज हर क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ चढ़कर है।मंत्री ने कहा कि बिहार के विकास के लिए विशेष पैकेज भारत सरकार के द्वारा नहीं दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जल जीवन हरियाली योजना को बढ़ावा देने के लिए शहर से लेकर गांव तक काम किया जा रहा है।

इस अवसर पर जदयू के प्रखंड अध्यक्ष जय राम सिंह,मन्नू प्रसाद,अनूज कुमार चौधरी,श्याम किशोर भारती,मोहम्मद एहतेशाम मलिक,मनोहर कुमार चौधरी ,देवेंद्र कुशवाहा,मुन्ना मलिक ,मुन्ना पासवान,भीम यादव ,रामशीष चौधरी,राकेश कुमार,नूतन देवी, चंचला बर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।वही कार्यक्रम में जदयू नेताओं ने भारत सरकार से शहीद जगदेव प्रसाद को भारत रत्न देने की मांग किया।

जदयू के द्वारा राजगीर में शहीद जगदेव प्रसाद की जयंती समारोह मनाया गया,ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा:जगदेव प्रसाद के सपनों को नीतीश कुमार ही जमीन पर उतार रहे हैं जदयू के द्वारा राजगीर में शहीद जगदेव प्रसाद की जयंती समारोह मनाया गया,ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा:जगदेव प्रसाद के सपनों को नीतीश कुमार ही जमीन पर उतार रहे हैं Reviewed by News Bihar Tak on February 03, 2023 Rating: 5

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